जम्मू-कश्मीर: अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली किताबों पर एक्शन, 8 अधिकारी निलंबित, प्रकाशक ब्लैकलिस्ट
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्कूलों में सप्लाई की गई कुछ किताबों में 'अनुचित सामग्री' पाए जाने के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को जारी एक आदेश में सरकार ने स्कूल शिक्षा
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्कूलों में सप्लाई की गई कुछ किताबों में 'अनुचित सामग्री' पाए जाने के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को जारी एक आदेश में सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। इन किताबों पर अलगाववादियों और आतंकवादियों का महिमामंडन करने के आरोप लगे हैं।
सरकार ने इन किताबों को स्कूलों से तुरंत हटाने का आदेश भी दिया है। साथ ही, इनके लेखकों और प्रकाशकों को केंद्र शासित प्रदेश में प्रतिबंधित और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। भविष्य में उनके द्वारा प्रकाशित किसी भी सामग्री को जम्मू-कश्मीर में वितरित करने की अनुमति नहीं होगी।
विवादित किताबें और प्रकाशक
जिन दो किताबों को लेकर यह कार्रवाई हुई है, उनमें हिलाल अहमद और संतोष मीणा द्वारा लिखी गई 'पर्सनैलिटीज एंड लेजेंड्स ऑफ जम्मू-कश्मीर' शामिल है, जिसे जम्मू के ओबेरॉय बुक सर्विस ने प्रकाशित किया था। दूसरी किताब डॉ. सुशांत गिरी द्वारा लिखित 'पर्सनैलिटीज ऑफ जम्मू एंड कश्मीर' है, जिसे दिल्ली के अनुराग प्रकाशन ने छापा था। सरकारी आदेश के मुताबिक, पहली किताब की 123 प्रतियां जम्मू, रामबन और उधमपुर जिलों में, जबकि दूसरी किताब की 128 प्रतियां जम्मू और बारामूला जिलों में सप्लाई की गई थीं।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इन किताबों को मंजूरी देने वाली 'सब-कमेटी सीरीज 4' के सदस्यों और पर्यवेक्षी अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरती। आदेश के अनुसार, "विभाग के ध्यान में यह बात आई है कि इन किताबों में बहुत ही अनुचित सामग्री है... इन किताबों में अलगाववाद से जुड़ी सामग्री थी, जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।" आदेश में इसे कर्तव्य का पालन न करना और उचित सावधानी न बरतना माना गया है।
निलंबित अधिकारी और जांच के आदेश
निलंबित किए गए अधिकारियों में फजिल इमरान सिद्दीकी (कोऑर्डिनेटर, लाइब्रेरी, समग्र शिक्षा), गुरजीत सिंह (असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर, समग्र शिक्षा), संजीव शर्मा (प्रिंसिपल, जीएचएसएस कोरे पन्नू, कठुआ), और शाजिया कौसर (एकेडमिक ऑफ़िसर, एससीईआरटी, जम्मू) शामिल हैं। इनके अलावा इम्तियाज अहमद मीर, निरंजन शर्मा, रेनू मेंगी और राजमोहिनी नामक चार लेक्चररों को भी निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान ये सभी स्कूल शिक्षा विभाग से संबद्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त, एक संविदा कर्मचारी शेख सुहेल अहमद को भी तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है।
मामले की विस्तृत जांच के लिए वित्तीय आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव) अश्वनी कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इनपुट: IANS



