चंडीगढ़ में 24 घंटे में दो इमारतें ढहीं, पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
चंडीगढ़ में पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि शहर में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग इमारतें ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को इंड
चंडीगढ़ में पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि शहर में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग इमारतें ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में एक पुरानी इमारत का हिस्सा ढह गया, जिसके मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
यह घटना शनिवार को उस वक्त हुई जब एक कबाड़ कारोबारी (स्क्रैप डीलर) द्वारा इस्तेमाल की जा रही इमारत का एक हिस्सा गिर गया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इमारत के काफी पुराना होने को हादसे की वजह माना जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इलाके में हाल के दिनों में कोई भारी बारिश नहीं हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुँच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
मौके पर भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में दबे हो सकने वाले लोगों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) की भी मदद ली जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं, ताकि घायलों को तत्काल चिकित्सा मुहैया कराई जा सके। यह इमारत किसी हालिया संरचनात्मक सुरक्षा निरीक्षण के दायरे में नहीं थी, क्योंकि प्रशासन का ध्यान फिलहाल सरकारी भवनों पर केंद्रित था।
एक दिन पहले भी हुआ था हादसा
इससे ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी), सेक्टर-26 के ऑडिटोरियम की छत भी ढह गई थी। गनीमत रही कि उस वक्त ऑडिटोरियम खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। इंजीनियरिंग विभाग ने इस भवन को पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया था और इसे गिराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। इस ऑडिटोरियम का इस्तेमाल चुनावों के दौरान मतगणना केंद्र के रूप में भी किया जाता रहा है। इन लगातार घटनाओं ने शहर की पुरानी व्यावसायिक और औद्योगिक इमारतों के सुरक्षा ऑडिट की जरूरत को रेखांकित किया है।
इनपुट: IANS



