मनाली में 93,000 रुपये की रिश्वत मांगते हुए सैन्य इंजीनियर रंगे हाथों गिरफ्तार, CBI ने 10 लाख कैश बरामद किया
हिमाचल प्रदेश के मनाली में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) के एक सहायक गैरीसन इंजीनियर को एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बिल पास करने के
हिमाचल प्रदेश के मनाली में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) के एक सहायक गैरीसन इंजीनियर को एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बिल पास करने के एवज में कुल 93,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सीबीआई ने आरोपी के आवास पर तलाशी के दौरान अब तक लगभग 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान केके सोनी के रूप में हुई है, जो मनाली में सहायक गैरीसन इंजीनियर के पद पर तैनात थे। यह कार्रवाई एक ठेकेदार कंपनी में काम करने वाले सुपरवाइजर की शिकायत पर की गई। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 3 जुलाई को मामला दर्ज किया था।
कैसे रची गई गिरफ्तारी की योजना?
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी इंजीनियर केके सोनी ने कंपनी के बिलों को मंजूरी देने के लिए 93,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने अपने बयान में बताया कि शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई को सोनी को उनके कार्यालय में 40,000 रुपये का पहला भुगतान कर दिया था। इसके बाद, आरोपी ने बाकी बची 53,000 रुपये की रकम लेकर शनिवार को फिर से अपने दफ्तर बुलाया।
इसी सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाया और शनिवार को आरोपी को उस वक्त धर दबोचा, जब वह शिकायतकर्ता से 53,000 रुपये की रिश्वत ले रहा था। एजेंसी ने बताया कि शुक्रवार को दी गई 40,000 रुपये की पहली किस्त भी मनाली के एमईएस क्षेत्र स्थित आरोपी के आवास से बरामद कर ली गई।
रविवार को कोर्ट में पेशी
एक अधिकारी ने जानकारी दी कि आरोपी के आवास पर तलाशी की कार्रवाई जारी है और अब तक करीब 10 लाख रुपये नकद मिल चुके हैं। गिरफ्तार किए गए इंजीनियर केके सोनी को हिरासत की कार्रवाई के लिए 5 जुलाई को शिमला स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एक अन्य मामले में सज़ा: इसी बीच, एक अलग मामले में सीबीआई ने शनिवार को मोहाली की विशेष अदालत में पंजाब पुलिस के एक तत्कालीन हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह को दोषी साबित करवाया। उसे 1991 में तरनतारन जिले में एक व्यक्ति के अपहरण के मामले में पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इनपुट: IANS



