प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद अचानक ट्रेन में चढ़े रेल मंत्री पीयूष गोयल

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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कावेस एक्सप्रेस में बैठकर मैसूर से बेंगलुरू तक का सफर किया. इस यात्रा के दौरान रेल मंत्री आम यात्रियों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना. पीयूष गोयल को अपने बीच पाकर रेल में सवार यात्री अचंभित रह गए और उनके बीच रेल मंत्री के साथ फोटो क्लिक करने की होड़ मच गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तमिलनाडु के कर्नाटक में कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया. इन योजनाओं में हमसफर एक्सप्रेस भी शामिल थी, जिसे पीएम ने मैसूर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ट्रेन रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री तो एक जनसभा को संबोधित करने चले गए, जहां उन्होंने जनता की भलाई के लिए किए जा रहे रेलवे के काम की तारीफ भी की. लेकिन रेल मंत्री पीयूष गोयल वहीं रुके रहे. इसके बाद वो वहीं से ट्रेन की जनरल बोगी में सवार हो गए.

जनरल डिब्बे का जायज़ा लिया

रेल मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को अचानक ट्रेन में चढ़ गए. इस दौरान रेल मंत्री ने ट्रेन में सफर कर रहे सवारियों से बात की और यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों की जानकारी ली. पीयूष गोयल ट्रेन में काम करने वाले स्टॉफ से भी मिले. थोड़ी देर बाद स्टेशन पर कावेरी एक्स्प्रेस आई रेल मंत्री उसमें चढ़ गए. उन्होंने इस ट्रेन में मैसूर से बेंगलुरु तक का सफर किया. इस दौरान पीयूष गोयल ने सह-यात्रियों से मुलाकात की और ट्रेन की सुविधाओं को लेकर फी फीडबैक लिया. वहीं, सफर कर रहे लोगों ने भी मिनिस्टर से अपने अनुभव शेयर किए.

सबके सहयोग की ज़रूरत

इस यात्रा के दौरान रेल मंत्री ने यात्रियों से कहा कि रेल प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार काम कर रहा है. रेल की साफ-सफाई और सुरक्षा में स्टॉफ का सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कई कोचों में जाकर यात्रियों का हालचाल लिया और ट्रेन की व्यवस्थाओं का मुआयना किया. रेल मंत्री ने न सिर्फ यात्रियों से बल्कि ट्रेन में सवार रेलवे स्टाफ से भी मुलाकात की और उनके काम की सराहना भी की. रेल मंत्री ने अपने इस अनुभव को ट्विटर हैंडल पर साझा करते हुए कहा कि यात्रियों से मिले सुझाव उन्हें रेल के सफर को और शानदार बनाने में मदद करेंगे.

सरकार कर रही है कोशिश

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार वर्तमान वित्त वर्ष में रेलवे में सुधार और आधुनिकीकरण के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है. अगले साल इस पर और भी अधिक राशि खर्च की जाएगी. पीयूष गोयल ने कहा कि 2009 से 2014 के बीच प्रति वर्ष औसतन 46 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए गए. इस साल सरकार रेलवे में सुधार और आधुनिकीकरण के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी.

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