पंजाब: सुनील जाखड़ का मान सरकार पर हमला, 'जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या होगा?'
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने राज्य की भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा निशाना साधा है। उनका आरोप है कि पंजाब में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम नागरिकों की बात तो दूर, खुद…
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने राज्य की भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा निशाना साधा है। उनका आरोप है कि पंजाब में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम नागरिकों की बात तो दूर, खुद पुलिसकर्मी भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, जाखड़ ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही।
जाखड़ ने एक कथित पुलिस एडवाइजरी का हवाला देते हुए अपने दावे को पुख्ता करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी इस सलाह में अधिकारियों को अकेले पुलिस स्टेशन से बाहर न निकलने, यात्रा के दौरान वर्दी न पहनने, साथ में सुरक्षाकर्मी रखने, हथियार लेकर चलने और दोपहिया वाहनों से परहेज करने जैसे निर्देश दिए गए हैं। जाखड़ ने सवाल उठाया, "अगर कानून-व्यवस्था संभालने वाले ही असुरक्षित हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।"
चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची पर विपक्ष को जवाब
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध पर भी सुनील जाखड़ ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पंजाब में कंप्यूटर प्रणाली के जरिए लगभग 22.70 लाख आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिनमें नाम, जन्मतिथि या माता-पिता की उम्र जैसी गलतियां शामिल थीं। जाखड़ के मुताबिक, अधिकारियों ने इनमें से करीब 99 प्रतिशत मामलों का निपटारा कर दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 20.66 लाख मतदाताओं को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया था। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 2.14 करोड़ बताते हुए उन्होंने विपक्ष से पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर उनकी तरफ से कितनी आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह पर क्या बोले जाखड़?
जब उनसे पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक बयान के बारे में पूछा गया, तो जाखड़ ने कहा कि वह नहीं जानते कि कैप्टन ने किस संदर्भ में यह बात कही है, लेकिन वह उन्हें अपना नेता मानते हैं। उन्होंने कहा, "मैं असल में राजनीतिक जुड़ाव से हटकर भी उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। मेरा मानना है कि उन्हें किसी तरह की स्वीकृति की जरूरत नहीं है। उनका अपना कद है और न सिर्फ पंजाब में, बल्कि पूरे भारत में उनकी अपनी पहचान है।"
इनपुट: IANS



