शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

दुबई से प्रत्यर्पित हुआ 88 करोड़ की धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड, पुणे पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

निवेशकों को भारी मुनाफे का झांसा देकर कथित तौर पर 88 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक हाई-प्रोफाइल मामले में पुणे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मामले के मुख्य…

दुबई से प्रत्यर्पित हुआ 88 करोड़ की धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड, पुणे पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
(फोटो: IANS)

निवेशकों को भारी मुनाफे का झांसा देकर कथित तौर पर 88 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक हाई-प्रोफाइल मामले में पुणे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। राठौड़ लंबे समय से फरार चल रहा था।

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मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तारी के बाद पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) उसे पुणे ले आई, जहां एक स्थानीय अदालत ने उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था, जिसके बाद UAE के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला पिछले साल 2023 में पुणे के चतुःश्रृंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, बाणेर स्थित कंपनी 'एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी' के संचालक अविनाश राठौड़ और उसकी पत्नी विशाखा राठौड़ ने निवेशकों से कम समय में आकर्षक रिटर्न देने का वादा किया था। शुरुआत में विधिवत समझौते किए गए, लेकिन बाद में न तो वादे के मुताबिक रिटर्न दिया गया और न ही मूल रकम लौटाई गई। एक शिकायतकर्ता ने अकेले 86.37 लाख रुपये का निवेश किया था, जो उसे वापस नहीं मिला।

जांच और कानूनी प्रक्रिया

जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि यह धोखाधड़ी कई लोगों के साथ हुई थी और कुल ठगी की रकम करीब 88 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। मामला दर्ज होते ही पति-पत्नी दोनों फरार हो गए। पुलिस ने 24 अप्रैल 2024 को दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें।

इसके बाद, पुणे की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया और उनके पासपोर्ट निलंबित कर दिए गए। जब वे देश में नहीं मिले, तो पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क साधा और 4 जून 2026 (संभावित रूप से 2024) को दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ। इसी नोटिस के आधार पर अविनाश राठौड़ को UAE में पकड़ा गया और 23 जुलाई को भारत लाया गया।

अब आगे क्या होगा?

पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जुटाए गए 88 करोड़ रुपये कहां निवेश किए गए या खर्च हुए। एजेंसी यह भी जांच करेगी कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे और पैसे को विदेश तो नहीं भेजा गया। पुणे पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में जो अन्य आरोपी विदेशों में छिपे हैं, उन्हें भी वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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