12 साल से पेप्सिको के सीइओ के पद पर काबिज़ इंद्रा नूयी अब अपना पद छोड़ने जा रही है. उनका कार्यकाल इस साल तीन अक्टूबर को ख़त्म हो रहा है. वह पिछले 12 साल से अमेरिका की इस प्रमुख फूड और बेवरेज कंपनी की अगुवाई कर रही हैं. कंपनी ने सोमवार को यह घोषणा की. 62 वर्षीय नूयी अक्तूबर को कंपनी के सीईओ का पद छोड़ेंगी. उनके कार्येकाल में पेप्सिको की कमाई में 80 फीसदी तक का इजाफा हुआ.
कौन है इंद्रा नूयी ?
इंद्रा का पूरा नाम इंद्रा कृष्णमूर्ति नूयी है. उनका जन्म 28 अक्टूबर 1955 में भारत के राज्य तमिल नाडू में हुआ. नूयी की शुरूआती पढाई एंग्लो इंडियन हायर सेकेंडरी स्कूल मद्रास में हुई. उन्होंने 1974 में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता से 1976 में प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. इसके बाद अमेरिका स्थित येल यूनिवर्सिटी से पब्लिक और प्राइवेट मैनेजमेंट की पढ़ाई की. इस दौरान उन्हें अमेरिका से कुछ खास लगाव हो गया और उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बोस्टन कंसल्टेशन फार्म ज्वाइन कर ली और टेक्सटाइल व कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री में मुवक्किलों की सेवा करने लगीं.
नूयी 1994 में पेप्सिको में शामिल हुई और 2001 में अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनीं. उन्होने एक दशक से अधिक समय तक कंपनी की वैश्विक रणनीति का निर्देशन और पेप्सीको के पुनर्गठन का नेतृत्व किया है. इसके साथ उन्होंने कंपनी में कई पद संभाले और पेप्सिको को 200 देशो तक पहुचाने में अपना योगदान दिया.
पिछले 24 साल से जुडी हुई है पेप्सिको से
वह पिछले 24 साल से इस कंपनी से जुड़ी हैं. हालांकि वह 2019 की शुरुआत तक कंपनी की चेयरमैन रहेंगी. कंपनी के अध्यक्ष रामोन लागुआर्ता को निदेशक मंडल ने नूयी का उत्तराधिकारी चुना है. लागुआर्ता को कंपनी के निदेशक मंडल में भी शामिल किया गया है. नूयी ने बयान में कहा, ‘‘मैं भारत में पली बढ़ी हूं. मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मुझे ऐसी असाधारण कंपनी की अगुवाई करने का मौका मिलेगा.’’ नूयी ने कहा कि कंपनी काफी मजबूत स्थिति में है और आगे उसके काफी बेहतर दिन आएंगे.
2007 में उन्हें भारत सरकार द्वारा उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था.












