NEET पेपर लीक मामला: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, NTA के 3 विशेषज्ञ भी शामिल
NEET-UG 2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चार्जशीट 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ…
NEET-UG 2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चार्जशीट 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दायर की गई है, जिन पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 3 मई, 2026 को हुई इस परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 12 मई, 2026 को दर्ज कराई थी, जिसके बाद CBI ने जांच शुरू की थी।
चार्जशीट में शामिल सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। CBI ने इनके खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, सबूत नष्ट करने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और नए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने अपने मामले को पुख्ता करने के लिए 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण भौतिक सबूतों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।
जांच का दायरा और गिरफ्तारियां
CBI ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए 72 अधिकारियों की कई टीमें बनाई थीं, जिनमें 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 जगहों पर तलाशी ली गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई।
एजेंसी के अनुसार, जांच में पेपर लीक के स्रोत से लेकर छात्रों तक पहुंचने की पूरी श्रृंखला का खुलासा हुआ है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार 13 लोगों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञ (केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स) भी शामिल हैं। इनके अलावा, कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोग और कई बिचौलिए भी पकड़े गए हैं, जो लीक पेपर को आगे छात्रों तक पहुंचाने का काम करते थे। पहली गिरफ्तारी 13 मई, 2026 को हुई थी।
सबूत और वित्तीय जांच
CBI ने बताया कि जब्त किए गए डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच, हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की राय और शैक्षणिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट से यह पुष्टि हुई है कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने और उसे फैलाने में भूमिका निभाई थी। मामले में पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए CBI ने आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट अकाउंट को भी फ्रीज कर दिया है। एजेंसी ने साफ किया है कि मामले में आगे की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



