पिछले 18 साल में यात्री वाहनों की बिक्री सबसे कम, ये हैं वजहें

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इस साल के मई महीने में मार्केट गिरावट दर्ज की गयी है। कारों और एसयूवी की बिक्री 18 साल में एक महीने में सबसे अधिक गिर गई है, क्योंकि अर्थव्यवस्था में मंदी, बेरोजगारी जैसे कारक थे जिसने खरीदारों को बाजार से बाहर रखा। यह ध्यान दिया जा सकता है कि यात्री वाहनों में गिरावट का यह लगातार सातवां महीना है।

उद्योग संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कारों, यूवी, एसयूवी और वैन सहित कुल 2.39 लाख यात्री वाहन पिछले महीने (मई 2019) बेचे गए, जिनमें से 21 फीसदी की गिरावट आई पिछले वर्ष की इसी अवधि में तीन लाख यूनिट्स बिकीं थी। अप्रैल 2019 में यात्री वाहन की बिक्री में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

मई 2019 में मोटरसाइकिल की बिक्री 4.89 प्रतिशत घटकर 11,62,373 यूनिट रह गई, जो पिछले वर्ष 12,22,164 यूनिट थी। मई 2019 में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री भी लगभग 10.02 प्रतिशत घटकर 68,847 इकाई रह गई। SIAM के अनुसार मई 2018 में 22,83,262 यूनिटो में से श्रेणियों में वाहन की बिक्री 8.62 प्रतिशत घटकर 20,86,358 इकाई रह गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर का हवाला देते हुए कहा, “खरीदारों को सामर्थ्य की आवश्यकता है। स्थिति बहुत गंभीर है।” छूट और मुफ्त के बावजूद यात्री वाहन मार्केट में भारी गिरावट दर्ज की गयी। मार्केट्स ने सरकार से जीएसटी दर में कटौती की मांग कर रहा है।

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हुंडई की हैचबैक सैंट्रो, मारुति की सबसे लंबी वैगनआर, टाटा की हैरियर ऑफ-रोडर, महिंद्रा की मारज़ो और एक्सयूवी 300 एसयूवी जैसे नए लॉन्च के बावजूद, खरीदार बाजार से नदारद रहे।