शिंदे गुट को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए: शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा है कि एकनाथ शिंदे गुट पर दलबदल विरोधी कानून लागू होता है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने यह बात सुप्रीम…
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा है कि एकनाथ शिंदे गुट पर दलबदल विरोधी कानून लागू होता है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने यह बात सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही सुनवाई के संदर्भ में कही। सावंत ने पार्टी के चिह्न पर चुनाव आयोग के फैसले को एक 'बड़ी गलती' बताया।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रखे गए तर्कों पर संतोष जताया। सावंत ने कहा, "जिस तरह से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने हमारी पार्टी का पक्ष रखा, कानून के तहत कई मिसालों का हवाला देते हुए उससे साबित होता है कि असल में दलबदल उन पर भी लागू होता है, और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।"
पार्टी का मतलब सिर्फ विधायक नहीं
अरविंद सावंत ने तर्क दिया कि पार्टी का मतलब सिर्फ चुने हुए विधायक नहीं होते, बल्कि इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कार्यकारिणी भी शामिल होती है। उन्होंने कहा, "साधारण सी बात है कि विधायक गए ना, पार्टी का मतलब विधायक तो नहीं है। पार्टी की कार्यकारणी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर होती है। सारी बातें संविधान के तहत किया गया।"
उन्होंने बताया कि दल-बदल कानून की 10वीं अनुसूची के तहत दो-तिहाई का मतलब सिर्फ सांसद या विधायक नहीं, बल्कि दो-तिहाई राजनीतिक दल होता है। सावंत ने कहा, "अनिल देसाई और मैंने जाकर एक लेटर दिया, जिसमें कहा गया था कि यह संवैधानिक नहीं है। यह 10वीं अनुसूची के तहत लिखी बातों के अनुसार नहीं है। इसका मतलब दो-तिहाई सांसद या दो-तिहाई विधायक नहीं है। इसका मतलब है दो-तिहाई राजनीतिक पार्टी।"
'मुंडे को बालासाहेब ने दी थी सलाह'
इस दौरान अरविंद सावंत ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जो उन्होंने दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे को लेकर दिया था। सावंत ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने ही मुंडे को पार्टी नहीं छोड़ने की सलाह दी थी।
इनपुट: IANS



