पाकिस्तान: PTI के देशव्यापी प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई, वित्त मंत्री ने जताई आर्थिक नुकसान की चिंता
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) द्वारा 27 सितंबर को बुलाए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद पुलिस ने कमर कस ली है। समाचार एजेंसी IANS…
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) द्वारा 27 सितंबर को बुलाए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद पुलिस ने कमर कस ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने न सिर्फ प्रदर्शन की तैयारियों में जुटे चार पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, बल्कि विरोध को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी और खुफिया जानकारी भी जुटाना शुरू कर दिया है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान सरकार ने इन प्रदर्शनों से देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले गंभीर असर को लेकर आगाह किया है। देश के वित्त मंत्री औरंगजेब का तर्क है कि इस तरह के धरने-प्रदर्शनों से सरकारी खजाने को प्रतिदिन 120 अरब रुपये का भारी नुकसान हो सकता है। जियो न्यूज के हवाले से उन्होंने रविवार को कहा कि ऐसे समय में जब पाकिस्तान ने काफी मशक्कत के बाद थोड़ी आर्थिक स्थिरता हासिल की है, इन विरोध प्रदर्शनों को समझना मुश्किल है। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक गतिविधियों में कोई भी रुकावट देश को स्थिरता से विकास की राह पर ले जाने की प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है।
पुलिस की कार्रवाई और तैयारी
इस्लामाबाद पुलिस ने एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर पीटीआई के चार कार्यकर्ताओं को विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि उन्हें कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन के लिए एक बैठक करने की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम ने छापा मारा तो कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की, वर्दी फाड़ी और उन्हें बंधक बना लिया।
इस घटना के बाद, प्रशासन ने PTI के राष्ट्रव्यापी विरोध का मुकाबला करने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस्लामाबाद के सेंट्रल पुलिस ऑफिस में एक उच्च-स्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और प्रदर्शन को रोकने की रणनीति बनाई गई।
खुफिया निगरानी और अन्य दल का मार्च
पुलिस की खुफिया शाखाएं, जिनमें स्पेशल ब्रांच और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट शामिल हैं, पूरी तरह सतर्क हैं। PTI नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके ठिकानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि गिरफ्तारी से बचा न जा सके। इसके अलावा, गेस्ट हाउस, बस टर्मिनल और प्रदर्शनकारियों को भोजन, पानी या परिवहन जैसी सुविधाएं मुहैया कराने वाले संभावित ठेकेदारों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
PTI अपने नेता इमरान खान की रिहाई, संविधान और कानून के राज की बहाली की मांग को लेकर यह प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच, एक अन्य दल जमात-ए-इस्लामी (जेआई) ने भी अलग से इस्लामाबाद मार्च की घोषणा की है, हालांकि उसके मुद्दे अलग हैं।
इनपुट: IANS



