ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म 'पैरीमैच' पर ED का शिकंजा, 5 राज्यों में छापेमारी, 3000 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
साइप्रस स्थित ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 'पैरीमैच' के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को 5 राज्यों में 17 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने इस नेटवर्क द्वारा एक…
साइप्रस स्थित ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 'पैरीमैच' के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को 5 राज्यों में 17 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने इस नेटवर्क द्वारा एक साल में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई करने और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेश भेजने के एक जटिल रैकेट का पर्दाफाश किया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जांच मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन में 'पैरीमैच' के खिलाफ दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें यूजर्स को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर धोखा देने का आरोप है। ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की।
मनी लॉन्ड्रिंग का जटिल नेटवर्क
ईडी की जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए एक बहुस्तरीय प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा था। सबसे पहले, इस पैसे को कई 'म्यूल अकाउंट्स' में जमा किया जाता था। इसके बाद, इस रकम को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय और व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से घुमाया जाता था। जांच में कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) और घरेलू मनी ट्रांसफर (डीएमटी) एजेंटों के दुरुपयोग का भी पता चला है। इन एजेंटों के जरिए बैंकिंग फंड्स की जगह फिजिकल कैश का लेन-देन किया जाता था।
विदेशों में कैसे भेजा गया पैसा
अधिकारियों ने पाया कि इस कैश को हवाला और क्रिप्टो ऑपरेटर्स की मदद से डिजिटल मनी में बदला गया और फिर पैरीमैच नेटवर्क द्वारा नियंत्रित किए जाने वाले विदेशी क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिया गया। एक अन्य तरीके में, पैरीमैच नेटवर्क से आए पैसे को भारतीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों के खातों में भेजा जाता था, जिसके बदले में कोई सेवा नहीं दी जाती थी। इस माध्यम से कम से कम 200 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इसके अलावा, फर्जी विदेशी निवेश (ODI) और सेवाओं के नकली आयात के जरिए भी 500 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए।
छापेमारी में क्या मिला
इस तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने लगभग 2.11 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त की है, जिसमें करीब 61 लाख रुपये नकद, 1 किलो सोने की ईंट और कई आपत्तिजनक दस्तावेज व डिजिटल उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही, लगभग 37 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस भी फ्रीज कर दिया गया है। ईडी ने इस मामले में अब तक कुल मिलाकर करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज या जब्त की है।
इनपुट: IANS



