भारतीय वायुसेना और IIT बॉम्बे की अनूठी पहल, अब फ्लाइट टेस्ट क्रू को मिलेगी मास्टर्स डिग्री
सैन्य विमानन के क्षेत्र में पायलटों और इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय वायुसेना (IAF) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने मिलकर फ्लाइट…
सैन्य विमानन के क्षेत्र में पायलटों और इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय वायुसेना (IAF) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने मिलकर फ्लाइट टेस्ट क्रू के लिए एक विशेष मास्टर्स डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य सैन्य उड़ान परीक्षण के व्यावहारिक अनुभव को IIT बॉम्बे की उन्नत शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमताओं के साथ जोड़ना है।
इस ऐतिहासिक समझौते पर वायुसेना की ओर से सहायक प्रमुख (प्रोजेक्ट्स) एयर वाइस मार्शल आशीष श्रीवास्तव और IIT बॉम्बे की ओर से निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने हस्ताक्षर किए। इस पहल के तहत, वायुसेना के एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में स्थित 'एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल' और IIT बॉम्बे संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का संचालन करेंगे।
तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
इस मास्टर्स प्रोग्राम का लक्ष्य टेस्ट पायलटों और फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों को उच्च-स्तरीय तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है। इससे उन्हें सैन्य विमानों और एविएशन प्रणालियों का अधिक सटीकता से मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। किसी भी नए एयरक्राफ्ट या एविएशन सिस्टम को वायुसेना के बेड़े में शामिल करने से पहले उसकी उड़ान परीक्षण प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, और यह अकादमिक सहयोग इसी प्रक्रिया को और मजबूत करेगा।
उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न IIT संस्थान पहले से ही सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण शोध और शैक्षणिक कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं। यह नई साझेदारी रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को गति देने और देश के स्वदेशी मिलिट्री एयरोस्पेस इकोसिस्टम को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इनपुट: IANS



