जम्मू-कश्मीर: स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर, मुख्यमंत्री से आज होगी मुलाकात
जम्मू-कश्मीर में अपने मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए मेडिकल इंटर्न डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल आज मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करेगा…
जम्मू-कश्मीर में अपने मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए मेडिकल इंटर्न डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल आज मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह बैठक सरकार की तरफ से बातचीत का न्योता मिलने के बाद हो रही है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें मानकर लिखित आदेश जारी नहीं हो जाता, उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इंटर्न डॉक्टर अपने मौजूदा 12,300 रुपये के मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यह राशि पिछले छह सालों से नहीं बदली गई है, जबकि महंगाई और काम का बोझ काफी बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी इंटर्न का यह भी कहना है कि जम्मू-कश्मीर में दिया जाने वाला स्टाइपेंड देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम है।
सरकार से बातचीत और डॉक्टरों का रुख
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) के राज्य प्रभारी डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने बताया कि उन्हें गुरुवार रात सरकार की ओर से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध मिला था। उन्होंने कहा, "कल रात मुझे सरकार की ओर से फ़ोन आया था जिसमें बातचीत के लिए इंटर्न प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया गया था। हम इस पहल का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार स्टाइपेंड के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर ठोस फ़ैसला लेगी।"
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हड़ताल तभी खत्म होगी जब स्टाइपेंड बढ़ाने को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी और एक लिखित सरकारी आदेश जारी होगा। इस हड़ताल में SKIMS बेमिना, GMC जम्मू, GMC अनंतनाग और GMC बारामूला समेत पूरे केंद्र शासित प्रदेश के एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न शामिल हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एआईएमएसए के नेता डॉ. तसदुक कर रहे हैं। उनके साथ संयुक्त सचिव डॉ. आकिब, डॉ. शाहनवाज़, डॉ. तनिष मनसोत्रा और डॉ. फराज भी शामिल होंगे। उम्मीद है कि यह दल अपनी मांगों और चिंताओं को मजबूती से सरकार के सामने रखेगा और तत्काल समाधान की मांग करेगा।
इनपुट: IANS



