शनिवार, 29 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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मिशन 2036 ओलंपिक: PM मोदी का आह्वान — उन खेलों में भी आगे बढ़ें जिनका नाम तक नहीं सुना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के खेल जगत के सामने एक बड़ी चुनौती और अवसर को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि देश को ओलंपिक में अपनी भागीदारी का दायरा बढ़ाना होगा, खासकर उन खेलों में जिनमें भार…

मिशन 2036 ओलंपिक: PM मोदी का आह्वान — उन खेलों में भी आगे बढ़ें जिनका नाम तक नहीं सुना
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के खेल जगत के सामने एक बड़ी चुनौती और अवसर को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि देश को ओलंपिक में अपनी भागीदारी का दायरा बढ़ाना होगा, खासकर उन खेलों में जिनमें भारत पारंपरिक रूप से कमजोर रहा है या हिस्सा ही नहीं लेता। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को 'खेलो इंडिया डायलॉग' कार्यक्रम में युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

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पीएम मोदी ने इस कड़वी सच्चाई पर ध्यान दिलाया कि भारत ओलंपिक के आधे खेलों में भी प्रतिस्पर्धा नहीं करता, जिसका सीधा असर देश की पदक तालिका पर पड़ता है। उन्होंने कहा, "भारत की टीमें ओलंपिक का हिस्सा बनने वाले आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेती हैं। भारत की सीमित भागीदारी लंबे समय से एक चिंता का विषय रही है।" मिसाल के तौर पर उन्होंने बताया कि 2012 के ओलंपिक में भारत ने केवल 13 खेलों में भाग लिया था, जबकि 20 से ज़्यादा खेलों में हमारी कोई मौजूदगी ही नहीं थी।

नए खेल, नई संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने कुछ ऐसे खेलों का ज़िक्र किया जिनमें भारत अपनी भौगोलिक विविधता का लाभ उठाकर महारत हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा, "ऐसे बहुत से खेल हैं जिनके नाम देश के लोगों ने शायद सुने होंगे। दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं। हम उन खेलों में हिस्सा नहीं लेते।"

उनके अनुसार, सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में भारत के लिए अपार संभावनाएं हैं। पीएम मोदी ने कहा, "हमारे पास इतनी लंबी कोस्टलाइन और इतना बड़ा पहाड़ी इलाका है... वॉटर और विंटर स्पोर्ट्स में सफल होने के लिए जरूरी डेमोग्राफी और भूगोल हैं। फिर भी, हम ऐसे खेलों में दुनिया में कहीं नहीं हैं।"

भविष्य की तैयारी: प्रतिभा खोज अभियान

मिशन 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री ने एक व्यापक प्रतिभा खोज अभियान पर जोर दिया। इस अभियान का लक्ष्य 5 से 15 साल के बच्चों की पहचान करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बच्चे की रुचि देखने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह भी तय किया जाएगा कि कौन-सा बच्चा किस खेल के लिए शारीरिक रूप से सबसे उपयुक्त है और फिर उसे उसी के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीएम ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें खेल में करियर बनाने के लिए हर संभव प्रोत्साहन देगी।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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