नोएडा इंडोर स्टेडियम में सुरक्षा पर बड़ा सवाल: बिना फायर NOC के चल रहा है 100 करोड़ का कॉम्प्लेक्स, हज़ारों की भीड़ वाला कॉन्सर्ट भी तय
नोएडा के सेक्टर-21ए में स्थित लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बना इंडोर स्टेडियम हजारों लोगों की सुरक्षा को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। एक बड़े खुलासे में पता चला है कि स्टेडियम के पास वैध…
नोएडा के सेक्टर-21ए में स्थित लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बना इंडोर स्टेडियम हजारों लोगों की सुरक्षा को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। एक बड़े खुलासे में पता चला है कि स्टेडियम के पास वैध फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं है, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों खिलाड़ी आते हैं और 1 अगस्त को एक बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट की भी योजना है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अग्निशमन विभाग ने स्टेडियम का निरीक्षण किया तो वहां सुरक्षा के इंतजामों में गंभीर खामियां पाई गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार चौबे के निर्देश पर हुई इस जांच में पाया गया कि आग से लड़ने वाले कई उपकरण काम ही नहीं कर रहे थे और सुरक्षा के तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
आगामी आयोजन और सुरक्षा की चिंता
सबसे बड़ी चिंता 1 अगस्त को प्रस्तावित म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर है, जिसमें हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, वीवीआईपी अतिथि और मशहूर कलाकार भी शामिल हो सकते हैं। यह सवाल उठ रहा है कि जब खुद अग्निशमन विभाग सुरक्षा मानकों को अधूरा बता रहा है, तो इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन को मंजूरी कैसे दी जा रही है।
विभाग का सख्त रुख
सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्टेडियम प्रबंधन सभी अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर लेता, तब तक फायर एनओसी जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने IANS को बताया कि स्टेडियम प्रबंधन को पहले भी कई बार नोटिस दिए गए हैं और कमियों को दूर करने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं। इस मामले में फायर विभाग ने स्टेडियम का संचालन कर रही सिक्योरिटी सॉल्यूशन कंपनी और इसका निर्माण करने वाले नोएडा प्राधिकरण, दोनों को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
रोजाना आते हैं सैकड़ों खिलाड़ी
यह स्टेडियम नोएडा में खेल गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है। यहां जिम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कराटे, बॉक्सिंग और बास्केटबॉल जैसी सुविधाओं के लिए रोजाना 500 से 1,000 खिलाड़ी और खेल प्रेमी आते हैं। इनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट भी शामिल हैं। ऐसे में बिना फायर एनओसी के इसका संचालन खिलाड़ियों, कोच और अन्य लोगों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
इनपुट: IANS



