मंगलवार, 8 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारतीय आईटी सेक्टर दबाव में: एक साल में 13% गिरा इंडेक्स, जानिए शेयरों में गिरावट की वजहें

भारतीय शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर पिछले एक साल से लगातार दबाव का सामना कर रहा है, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स में 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी…

भारतीय आईटी सेक्टर दबाव में: एक साल में 13% गिरा इंडेक्स, जानिए शेयरों में गिरावट की वजहें
(फोटो: IANS)

भारतीय शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर पिछले एक साल से लगातार दबाव का सामना कर रहा है, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स में 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट आईटी सेक्टर को निफ्टी एफएमसीजी के बाद दूसरा सबसे बड़ा पिछड़ने वाला सेक्टर बनाती है। इस दौरान देश की दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई है।

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प्रमुख आईटी शेयरों पर नजर डालें तो पिछले एक साल में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर लगभग 25%, इंफोसिस 24% और विप्रो 28% तक टूट चुका है। वहीं, एचसीएल टेक में करीब 10% और एमफैसिस में लगभग 15% की गिरावट आई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण काम कर रहे हैं।

गिरावट के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कमजोर ग्रोथ

विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी शेयरों में इस बिकवाली की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उदय से तकनीक में हो रहे बदलाव हैं। इसके अलावा, सेक्टर की कमजोर ग्रोथ, उम्मीद से कमतर तिमाही नतीजे और भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंताएं भी प्रमुख कारण हैं। पारंपरिक तौर पर, भारतीय आईटी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या पर आधारित मॉडल से कमाई करती थीं, जिसमें प्रोजेक्ट लागू करना, सॉफ्टवेयर रखरखाव, टेस्टिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट जैसे काम शामिल थे।

हालांकि, एआई टूल्स अब इनमें से कई कामों को ज्यादा तेजी और कुशलता से करने में सक्षम हो रहे हैं। इस वजह से क्लाइंट्स अब आईटी कंपनियों से बेहतर उत्पादकता और कम लागत की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, AI के आने से सटीकता को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं, जो कंपनियों के लिए नए अवसर भी पैदा कर रही हैं।

भविष्य की रणनीति और कंपनियों का प्रदर्शन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक चुनौती के साथ-साथ एक बड़े अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। जून में टीसीएस की 31वीं वार्षिक आम बैठक में कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा था, "टीसीएस आंतरिक परिचालन के लिए एआई एजेंट्स में निवेश कर रहा है। साथ ही, आने वाले समय में कंपनी के पास उसके कर्मचारियों के बराबर एआई एजेंट्स होंगे।" उन्होंने एआई को एक बड़ा अवसर बताया।

दिलचस्प बात यह है कि बड़ी कंपनियों के मुकाबले मध्य-श्रेणी की आईटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पिछले एक साल में ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर ने 42%, कोफोर्ज ने 16% और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने 10% का रिटर्न दिया है, जो सेक्टर के भीतर एक अलग तस्वीर पेश करता है।

इनपुट: IANS

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