शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

नेपाल बाढ़: सुरंग में फंसे लोगों की तलाश और शवों की पहचान में भारत की टीमें कर रहीं मदद

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में भारत सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारत की एक विशेष सुरंग बचाव टीम और एक फॉरेंसिक टीम नेपाल में…

नेपाल बाढ़: सुरंग में फंसे लोगों की तलाश और शवों की पहचान में भारत की टीमें कर रहीं मदद
(फोटो: IANS)

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में भारत सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारत की एक विशेष सुरंग बचाव टीम और एक फॉरेंसिक टीम नेपाल में तैनात हैं, जो फंसे हुए लोगों को खोजने और मृतकों की पहचान करने में स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रही हैं।

विज्ञापन

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय सुरंग बचाव (टनल रेस्क्यू) टीम रसुवा जिले के चिलिमे क्षेत्र में नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव अभियान जारी है। दलदल जैसी स्थिति और सीमित जगह के बीच टीम ने तैरने वाले उपकरणों (फ्लोट्स) का इस्तेमाल कर सुरंग के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश की है।

डीएनए जांच में भी भारतीय सहयोग

बचाव अभियान के अलावा, भारत की 19 सदस्यीय फॉरेंसिक टीम भी नेपाल में मौजूद है। यह टीम बाढ़ प्रभावितों और लापता लोगों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों का विश्लेषण करने में नेपाली विशेषज्ञों की सहायता कर रही है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, यह काम काठमांडू घाटी की खुमलटार स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी और नेपाल पुलिस सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में किया जा रहा है, ताकि पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

त्रासदी का भयावह मंजर

नेपाल पुलिस के आँकड़ों के अनुसार, मंगलवार शाम तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 1,068 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से 400 शवों के केवल आंशिक अवशेष मिले हैं, जिससे उनकी पहचान एक बड़ी चुनौती बन गई है। अधिकारियों ने बताया कि जिन शवों की पहचान नहीं हो सकी है, उनके डीएनए नमूने सुरक्षित रखे जा रहे हैं।

त्रासदी की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी 4,606 लोग लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं के स्थलों से भी कई लोगों के लापता होने की खबर है। नेपाल सरकार के अनुरोध पर इन क्षेत्रों में बचाव कार्यों के लिए भारत और चीन ने तकनीकी टीमें भेजी हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने आश्वासन दिया है कि अज्ञात शवों का प्रबंधन कानूनी और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएनए साक्ष्यों को संरक्षित करते हुए सुरक्षा बलों की मदद से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →