नमो भारत स्टेशन पर रोता मिला बच्चा, NCRTC स्टाफ की सूझबूझ से परिवार से हुआ मिलन, महिला हिरासत में
नई दिल्ली के सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर एक बच्चे को उसकी माँ होने का दावा कर रही एक महिला के साथ लगातार रोता देख स्टेशन कर्मचारियों ने सजगता दिखाई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, स्टाफ की त्वरि…
नई दिल्ली के सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर एक बच्चे को उसकी माँ होने का दावा कर रही एक महिला के साथ लगातार रोता देख स्टेशन कर्मचारियों ने सजगता दिखाई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, स्टाफ की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से न सिर्फ बच्चे को उसके असली परिवार से मिलाया गया, बल्कि एक संभावित अनहोनी भी टल गई।
मामला तब सामने आया जब ड्यूटी पर तैनात राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के कर्मचारियों ने एक महिला के साथ एक बच्चे को देखा जो बेहद परेशान और असहज लग रहा था। बच्चा लगातार रो रहा था, जिससे स्टाफ को शक हुआ। उन्होंने तुरंत महिला से बच्चे के साथ उसके रिश्ते के बारे में पूछा। महिला ने बच्चे को अपना बताया, लेकिन बच्चे ने उसे पहचानने से साफ इनकार कर दिया।
मामले को संदिग्ध पाते ही स्टेशन स्टाफ ने बिना कोई देरी किए स्टेशन कंट्रोलर को सूचित किया। कंट्रोलर ने फौरन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और दिल्ली पुलिस को अलर्ट किया। जल्द ही बच्चे के असली माता-पिता से संपर्क साधा गया। शुरुआती कार्रवाई के बाद महिला और बच्चे को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया, जिससे बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच गया।
एनसीआरटीसी के एमडी ने की सराहना
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने स्टेशन कर्मचारियों के इस सराहनीय कार्य की व्यक्तिगत रूप से प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी ने एक गंभीर घटना को समय रहते रोक दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी कर्मचारियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जाता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब नमो भारत कॉरिडोर पर कर्मचारियों की सतर्कता काम आई है। पिछले एक साल में कई बार एनसीआरटीसी की टीमों ने बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाया है। सितंबर 2025 में आनंद विहार स्टेशन पर सीसीटीवी की निगरानी के दौरान तीन नाबालिग लड़कियों को चार पुरुषों के साथ डरी-सहमी हालत में देखा गया था। जांच में पता चला कि वे उत्तर प्रदेश के देवरिया से लापता थीं और समय पर कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया।
एनसीआरटीसी के मुताबिक, सभी स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाती है। इसकी लाइव फीड दुहाई स्थित सिक्योरिटी कंट्रोल सेंटर तक जाती है, जहां से पूरे कॉरिडोर पर नजर रखी जाती है। कॉरिडोर के दिल्ली खंड की सुरक्षा सीआईएसएफ और उत्तर प्रदेश खंड की सुरक्षा यूपी विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के जिम्मे है।
इनपुट: IANS



