NCERT पाठ्यक्रम विवाद: कांग्रेस बोली — एकतरफा इतिहास नहीं चलेगा, BJP ने बताया जरूरी सुधार
कक्षा 9 की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक में आपातकाल (इमरजेंसी) और चुनाव आयोग पर नए अध्याय जोड़े जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ भाजपा इसे शैक्षिक सुधार का अहम कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस न
कक्षा 9 की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक में आपातकाल (इमरजेंसी) और चुनाव आयोग पर नए अध्याय जोड़े जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ भाजपा इसे शैक्षिक सुधार का अहम कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस ने इसे "एकतरफा इतिहास परोसने" की कोशिश करार दिया है।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने साफ कहा कि अगर नई पीढ़ी को इमरजेंसी पढ़ाई जा रही है, तो पाठ्यक्रम में अन्य ऐतिहासिक घटनाओं को भी उचित स्थान मिलना चाहिए। उनके अनुसार केवल एक पक्ष का इतिहास थोपना उचित नहीं है।
कांग्रेस सांसद का सीधा सवाल — बिहार और मध्य प्रदेश का भी करें ज़िक्र
मनोज कुमार ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "आप अब युवा पीढ़ी को इमरजेंसी के बारे में बताने की कोशिश कर रहे हैं। मैं यह पूछना चाहता हूं कि एक और बात भी जोड़ी जानी चाहिए कि बिहार में चुनाव कैसे हुए और आपने चुनाव में कैसे धांधली की। चुनाव के दौरान आपने सरकारी खजाने से लोगों के बैंक खातों में 10,000-10,000 रुपये ट्रांसफर किए और चुनाव को प्रभावित किया। उस बात को भी जोड़ें, ताकि आने वाली पीढ़ी इसके बारे में पढ़े। यह भी शामिल करें कि आपने मध्य प्रदेश में हमारे उम्मीदवार को कोई समय नहीं दिया, जबकि झारखंड में आपने बार-बार समय दिया। यह भी जोड़ें कि पहले आप वोट चुराते थे और अब आपने सीटें चुराना शुरू कर दिया है।"
कांग्रेस प्रवक्ता की चिंता — शिक्षा वैचारिक साँचे में न ढले
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के एक बयान के संदर्भ में पार्टी प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि शिक्षा का असली मकसद बच्चों में वैज्ञानिक और तार्किक सोच पैदा करना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शैक्षणिक ढाँचे में बच्चों को एक खास वैचारिक दिशा में ढालने की कोशिश हो रही है, जो उचित नहीं है। राजपूत के अनुसार, बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए जो उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाए।
भाजपा का पक्ष — लोकतांत्रिक समझ के लिए जरूरी है यह बदलाव
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने एनसीईआरटी द्वारा चुनाव आयोग (ईसीआई) पर शामिल किए गए अध्याय का स्वागत किया। उन्होंने इसे सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे छात्रों को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गहरी समझ मिलेगी। खंडेलवाल का कहना था कि अब तक पाठ्यक्रम में कई ऐसी बातें शामिल थीं जो देशहित में नहीं थीं, इसलिए यह संशोधन आवश्यक था।
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने भी इस बदलाव का समर्थन किया। उनके अनुसार, जब विद्यार्थी 18 वर्ष की आयु में मतदान के अधिकारी बनेंगे, तब उनके पास चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की बेहतर समझ होगी — और यही एक जिम्मेदार मतदाता की नींव है।
राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर भी सियासी तीर
इसी बीच भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी बिना पूर्व सूचना के विदेश गए हों, और उनकी यात्राओं को लेकर अक्सर पर्याप्त स्पष्टता नहीं रहती।
इनपुट: IANS



