गुरूवार, 6 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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मुंबई में ब्रिक्स वेव्स बाज़ार 2026 की शुरुआत, रचनात्मक उद्योगों में वैश्विक साझेदारी पर रहेगा ज़ोर

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत मुंबई में दो दिवसीय 'ब्रिक्स वेव्स बाज़ार 2026' का आगाज़ हो गया है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य फिल्म, टेलीविज़न, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे रचनात्मक…

मुंबई में ब्रिक्स वेव्स बाज़ार 2026 की शुरुआत, रचनात्मक उद्योगों में वैश्विक साझेदारी पर रहेगा ज़ोर
(फोटो: IANS)

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत मुंबई में दो दिवसीय 'ब्रिक्स वेव्स बाज़ार 2026' का आगाज़ हो गया है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य फिल्म, टेलीविज़न, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग, निवेश और व्यापार के अवसरों को मज़बूत करना है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कार्यक्रम में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने कहा, "ब्रिक्स वेव्स बाज़ार 2026 वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला मंच बन सकता है।" उन्होंने कहा कि भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी नवाचार के दम पर इस क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

सहयोग और सह-निर्माण पर ध्यान

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने बताया कि इस आयोजन में 21 ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे संस्कृति और रचनात्मकता को देशों के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम मानते हैं। कुमार के अनुसार, "मुंबई में आयोजित यह बाज़ार और नवंबर 2026 में होने वाला ब्रिक्स फिल्म फेस्टिवल रचनात्मक उद्योगों के लिए सह-निर्माण, निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए अवसर उपलब्ध कराएंगे।"

उन्होंने कहा कि भारत 'वेव्स', 'इंडिया सिने हब' और 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी' जैसी पहलों के ज़रिए वैश्विक रचनात्मक उद्योगों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ा रहा है। कुमार ने सभी ब्रिक्स देशों को 2027 में मुंबई में होने वाले अगले 'वेव्स' आयोजन के लिए भी आमंत्रित किया।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में रचनात्मक क्षेत्र का योगदान

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव बोडवाडे ने इस आयोजन को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के अनुरूप बताया। उन्होंने बताया कि वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था दुनिया की जीडीपी में लगभग 3.1 प्रतिशत का योगदान करती है और अंतरराष्ट्रीय सेवा निर्यात में इसका हिस्सा 1.4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।

वहीं, फिल्म निर्माता और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के फेस्टिवल डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने सिनेमा को संस्कृतियों को जोड़ने वाला प्रभावी माध्यम बताते हुए प्रतिनिधियों को IFFI 2026 में शामिल होने का न्योता दिया।

सम्मेलन और चर्चाएं

राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम के मुताबिक, दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान उच्च-स्तरीय सम्मेलन, पैनल चर्चा और बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें होंगी। इनमें अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण, कंटेंट फाइनेंसिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

इनपुट: IANS

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