ईरान से बातचीत पर बोले अमेरिकी उपराष्ट्रपति: रास्ता मुश्किल, पर संतुलित रणनीति से मिलेगी कामयाबी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया बताया है, जिसमें किसी भी अंतिम समझौते पर पहुँचना जल्द संभव नहीं होगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वेंस ने…
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया बताया है, जिसमें किसी भी अंतिम समझौते पर पहुँचना जल्द संभव नहीं होगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वेंस ने कहा कि ईरान के भीतर ही अलग-अलग गुटों में मतभेद हैं, जिससे बातचीत और जटिल हो जाती है।
बुधवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए अमेरिका की रणनीति पर प्रकाश डाला। वेंस ने कहा, "ईरान के कुछ गुट संघर्ष खत्म करना चाहते हैं, जबकि कुछ कट्टरपंथी गुट इसे जारी रखना चाहते हैं। ऐसे में अमेरिका के लिए सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर संतुलित रणनीति अपनाना जरूरी है।"
ईरान की आंतरिक व्यवस्था पर टिप्पणी
उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान की आंतरिक व्यवस्था को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "ईरानी बहुत मुश्किल लोग हैं। दूसरी बात, उनका सिस्टम टूटा हुआ है। हमारा काम इससे निपटना है और अमेरिका और राष्ट्रपति के लिए सबसे अच्छा नतीजा निकालना है।" इन चुनौतियों के बावजूद, वेंस ने भरोसा जताया कि अमेरिका अंततः अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा, "रास्ता आसान नहीं है। ये मुश्किल भरा रहेगा लेकिन विश्वास है कि यहां हम अंत में जरूर पहुंचेंगे।"
ईरान की सैन्य तैयारी
दूसरी ओर, गुरुवार को ईरानी सेना ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी का दावा किया। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अमीर अकरामिनिया ने बताया कि सेना लगातार अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए घरेलू तकनीक से नए सैन्य उपकरण शामिल किए जा रहे हैं और क्षतिग्रस्त सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, "नई सैन्य सामग्री मिलने के साथ ही सेना अपने हथियारों और उपकरणों की तैनाती भी जरूरत के मुताबिक बदल रही है, ताकि किसी भी चुनौती का तुरंत जवाब दिया जा सके।"
इनपुट: IANS



