नोएडा: रैपिडो चालक बन करते थे मोबाइल चोरी, 8 गिरफ्तार, 300 से ज़्यादा फोन और पुर्जे बरामद
नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी और लूट के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य राह चलते लोगों से…
नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी और लूट के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य राह चलते लोगों से फोन छीनते थे और फिर उनके पुर्जे अलग-अलग कर बाजार में बेच देते थे। पुलिस ने इनके पास से 300 से ज़्यादा मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स के साथ-साथ दिल्ली से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है, जिसे हाल की बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है।
पुलिस ने यह कार्रवाई 5 अगस्त 2026 को एक गोपनीय सूचना के आधार पर की। सबसे पहले ग्रीन बेल्ट सेक्टर-63 इलाके से दो मोबाइल स्नैचर कुशल और रूपेश उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक लूटा हुआ मोबाइल, एक अवैध चाकू और चोरी की मोटरसाइकिल मिली। पूछताछ में इन दोनों ने गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी दी।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी कुशल एक रैपिडो बाइक टैक्सी चलाता था और इसी की आड़ में अपने साथी रूपेश के साथ मिलकर मोबाइल छीनने की घटनाओं को अंजाम देता था। ये लोग छीने हुए फोन को महज़ 1500 से 2000 रुपये में अपने छह अन्य साथियों को बेच देते थे।
कुशल और रूपेश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले छह अन्य आरोपियों—निजामुद्दीन, आरिफ, सोनू, छोट्टे, गुलफाम और हारुन—को भी धर दबोचा। ये लोग खुद को जीरा बेचने और बाल खरीदने वाले कारोबारी बताते थे, लेकिन असल में वे चोरी के मोबाइल खरीदकर उनके पार्ट्स को अलग करने और बेचने का अवैध धंधा चला रहे थे।
बरामद सामान और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों से पुलिस ने कुल 98 मोबाइल फोन, 100 डिस्प्ले, 207 बैटरियां, 40 मोबाइल के खोखे (बॉडी) और 103 बैक पैनल बरामद किए हैं। बरामद मोटरसाइकिल दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र से चुराई गई थी, जिसका मुकदमा पहले से दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी उत्तर प्रदेश के एटा, हरदोई और शाहजहांपुर जिलों के रहने वाले हैं और फिलहाल नोएडा के सेक्टर-63 और आसपास के इलाकों में रहते थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
इनपुट: IANS



