MPSC छात्र आंदोलन: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, सचिव हटाए गए, अध्यक्ष पर भी जल्द होगा फैसला
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया है कि सरकार…
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया है कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है और उनके भविष्य से कोई खिलवाड़ नहीं होने देगी। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए MPSC के सचिव को तत्काल पद से हटा दिया गया है।
राज्य सरकार की इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि MPSC सचिव पद पर तैनात हरपलकर को हटा दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, शिंदे ने कहा, "सचिव को तो तुरंत सरकार ने साइड में कर दिया है। एमपीएससी के विद्यार्थियों का जो आंदोलन शुरू है, उस बारे में सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। अगर कुछ गलत हुआ है तो उसको सुधारा जाना चाहिए, यही सरकार की भूमिका है।"
पारदर्शिता और मेरिट पर सरकार का जोर
एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, "मैं तो कह रहा हूं कि इसमें पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। परीक्षा में आखिर विद्यार्थियों के भविष्य का सवाल है। मेरिट होना चाहिए। इसमें कोई भी गैर-व्यवहार नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों के जीवन के साथ किसी को भी खेलने का अधिकार नहीं है।" शिंदे ने यह भी बताया कि विधायक और सांसद खुद आंदोलनरत छात्रों से मिले और उनका ज्ञापन लिया है।
अध्यक्ष को हटाने की मांग पर भी विचार
आंदोलनकारी छात्रों की एक प्रमुख मांग MPSC अध्यक्ष को हटाने की भी है। इस पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उपमुख्यमंत्री शिंदे के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लिया है और चूंकि यह एक संवैधानिक पद है, इसलिए इस संबंध में राज्यपाल से चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा, "अब जो अध्यक्ष के बारे में मांग की गई है, उस पर भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है। राज्यपाल से भी उनकी चर्चा शुरू है... इसलिए उस पर भी सही निर्णय होगा।"
इनपुट: IANS



