मुंबई का रियल एस्टेट बाज़ार फिर गुलज़ार, 2018 के बाद घरों की बिक्री सबसे ऊँचे स्तर पर
मुंबई के आवासीय बाज़ार ने इस साल ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है, जहाँ जनवरी से सितंबर के बीच घरों की बिक्री ने पिछले पाँच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार…
मुंबई के आवासीय बाज़ार ने इस साल ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है, जहाँ जनवरी से सितंबर के बीच घरों की बिक्री ने पिछले पाँच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के पहले नौ महीनों में मुंबई में कुल 72,804 घर बिके, जो 2018 के बाद का सबसे बड़ा आँकड़ा है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1% की मामूली वृद्धि दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह है कि बिक्री के साथ-साथ नए घरों की आपूर्ति भी लगभग बराबर रही। इस दौरान डेवलपर्स ने 72,673 नई आवासीय इकाइयाँ लॉन्च कीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक है। इस संतुलन के कारण बाज़ार में स्थिरता बनी रही। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई देश का सबसे बड़ा आवासीय बाज़ार बना हुआ है। देश के आठ प्रमुख शहरों में हुई कुल बिक्री में मुंबई की हिस्सेदारी 28% और नए लॉन्च में 26% रही।
महँगे घरों की बढ़ी माँग
रिपोर्ट में एक अहम रुझान यह सामने आया है कि बाज़ार में महँगे घरों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। हालाँकि, कुल बिक्री में सबसे बड़ी हिस्सेदारी (36%) अभी भी 50 लाख रुपए से कम क़ीमत वाले घरों की है, लेकिन इनकी बिक्री पिछले साल के मुक़ाबले 6% घटकर 26,136 इकाई रह गई। वहीं, 1 करोड़ रुपए से अधिक क़ीमत वाले घर बिक्री की वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
आँकड़ों के अनुसार, 1 से 2 करोड़ रुपए के बीच के घरों की बिक्री 9% बढ़कर 16,296 इकाई हो गई। इसी तरह, 2 से 5 करोड़ रुपए वाले घरों की बिक्री में 11% की वृद्धि देखी गई। सबसे ज़्यादा उछाल अल्ट्रा-लग्ज़री सेगमेंट में रहा, जहाँ 10 से 20 करोड़ रुपए और 20 से 50 करोड़ रुपए वाले घरों के सौदों में क्रमशः 40% और 35% की बढ़ोतरी हुई। देश के आठ प्रमुख शहरों में बिके 50 करोड़ रुपए से अधिक क़ीमत वाले 53 घरों में से 41 अकेले मुंबई में थे।
बाज़ार की सेहत और भविष्य
बिक्री की गति बढ़ने के साथ-साथ बिना बिके घरों की संख्या में भी कमी आई है। शहर में बिना बिकी इन्वेंटरी सालाना आधार पर 2% घटकर लगभग 1,55,473 इकाई रह गई है। नाइट फ्रैंक इंडिया के गुलाम ज़िया के अनुसार, बढ़ती आय और संपन्न खरीदारों की लगातार बनी हुई माँग इस तेज़ी का मुख्य कारण है। बिक्री की गति को दर्शाने वाला 'क्वार्टर्स टू सेल' (QTS) भी 6.6 तिमाही से घटकर 6.4 तिमाही रह गया है, जो बाज़ार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इनपुट: IANS



