PM मोदी के 'दिमागी नक्सली' बयान पर मनीष तिवारी का पलटवार, कहा- संविधान को ठीक से पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसी नसीहत दे रहे हैं, उन्हें भारत का संविधान ठीक से पढ़ लेना चाहिए। मनीष तिवारी शनिवार को चंडीगढ़ में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए थे।
लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश को हथियारी नक्सलियों से मुक्त कराने में सफलता मिली है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' एक नया खतरा हैं। उन्होंने कहा था कि ये 'दिमागी नक्सल' मौके की तलाश में हैं और हिंसा तथा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। पीएम ने इन्हें पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत पर जोर दिया था।
संविधान के दायरे में विरोध का अधिकार
प्रधानमंत्री की इसी टिप्पणी पर जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "हमारा संविधान इस बात का अधिकार देता है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन कर सकें और संगठित हो सकें।" उन्होंने आगे कहा, "संविधान में यह कहीं नहीं लिखा है कि अगर विरोध प्रदर्शन करने के लिए संगठित होते हैं, उनके ऊपर लाठियां बरसाईं जाएं, पैलेट गन से मारा जाए। जो लोग ऐसी नसीहत दे रहे हैं कि मेरा आग्रह है कि वे भारत के संविधान को ठीक तरीके से पढ़ लें।"
महिला आरक्षण पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने भाषण में महिला आरक्षण का जिक्र किए जाने पर भी मनीष तिवारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की पहल सबसे पहले कांग्रेस ने की थी और पार्टी हमेशा से लोकसभा की 543 सीटों में से एक-तिहाई महिलाओं को देने की पक्षधर रही है।
तिवारी ने कहा, "परिसीमन के नाम पर या परिसीमन से जोड़कर महिला आरक्षण को भटकाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि महिला आरक्षण का कानून पारित हो चुका है।" उन्होंने मांग की कि इसे 2029 में लागू करने या परिसीमन से जोड़ने के बजाय, वर्तमान 543 लोकसभा सीटों और विधानसभा सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए तुरंत आरक्षित कर दी जानी चाहिए।
इस अवसर पर मनीष तिवारी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी देशवासियों को बधाई दी और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।
इनपुट: IANS



