मेरठ छात्रा हत्याकांड: अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए
मेरठ में एक दलित छात्रा की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए पुलिस की जांच
मेरठ में एक दलित छात्रा की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए पुलिस की जांच प्रक्रिया और आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव के साथ कैराना से सपा सांसद इकरा हसन भी मौजूद थीं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि जो लोग पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उन पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दिया गया है।
पुलिस की भूमिका और वीडियो पर निशाना
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस मुद्दे को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, "जब वो खुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है।" उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को नाइंसाफी की पराकाष्ठा बताया। अखिलेश ने कहा, "इससे भी अधिक गंभीर बात ये है कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उनके ही उच्चाधिकारी अन्याय और अपने अहंकार के अनवरत झापड़ आम जनता के गाल पर मार रहे हैं।"
उन्होंने वायरल हुए एक वीडियो का भी जिक्र किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह पूरी दुनिया में फैल चुका है और उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को खराब कर रहा है। यादव ने कहा कि इससे वे कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा हैं जो हमेशा मानवीय दृष्टिकोण से काम करते हैं।
सरकार की मंशा पर सवाल
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "सच तो ये है कि जिस राज्य का मुख्य ही महिलाओं के साथ, विशेष रूप से एक युवा मृतक की शोक-संतप्त मां से सरेआम अभद्रता का वाचन करे, उसकी पुलिस से कोई भी उम्मीद करना बेमानी है।" उन्होंने आगे लिखा कि प्रदेश की जनता अब भाजपा के भाषण नहीं, बल्कि न्याय चाहती है। उन्होंने अपने 'पीडीए' नारे का जिक्र करते हुए कहा कि पीडीए अब सहेगा नहीं, बल्कि अपनी बात कहेगा।
इनपुट: IANS



