पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी की आत्महत्या पर अभिषेक बनर्जी ने उठाए सवाल, भाजपा-मीडिया पर लगाया आरोप
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की आत्महत्या के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मीडिया के एक वर्ग को…
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की आत्महत्या के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मीडिया के एक वर्ग को जिम्मेदार ठहराया है। रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी के खिलाफ चलाया गया 'बदनाम करने वाला अभियान' इस दुखद घटना का कारण बना।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में उस सुसाइड नोट का जिक्र किया, जो आशीष बनर्जी के शव के पास से रविवार सुबह बरामद हुआ था। उन्होंने दावा किया कि नोट में लिखी बातें यह दर्शाती हैं कि भाजपा और मीडिया का एक हिस्सा किस तरह बेबुनियाद आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा था।
क्या कहा अभिषेक बनर्जी ने?
अभिषेक बनर्जी ने कहा, "उनका आखिरी नोट लगातार चल रहे बदनाम करने के अभियान के बारे में गंभीर और परेशान करने वाले सवाल उठाता है, जिसे उन्होंने झेला था।" उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इस अभियान में शामिल थे, उन्हें अपने शब्दों और कामों के मानवीय परिणामों पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "राजनीतिक लड़ाइयां तो आती-जाती रहेंगी लेकिन एक बार चली गई जिंदगी कभी वापस नहीं आ सकती।" तृणमूल सांसद के मुताबिक, यह खबर न सिर्फ दिल तोड़ने वाली है, बल्कि उन सभी की अंतरात्मा को झकझोरने वाली है जो मानते हैं कि राजनीति और पत्रकारिता की अपनी सीमाएं होनी चाहिए।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
मृतक नेता द्वारा बंगाली भाषा में लिखे गए एक पन्ने के सुसाइड नोट में कहा गया है कि राजनीति में आना उनकी गलती थी। उन्होंने लिखा, "मैं छात्र जीवन से ही राजनीति में शामिल रहा हूं। मैं कभी भी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहा।" नोट में आगे लिखा है, "मैंने अपने पूरे जीवन में किसी भी काम के बदले एक पैसा भी नहीं लिया।"
आशीष बनर्जी को श्रद्धांजलि
अभिषेक बनर्जी ने आशीष बनर्जी को याद करते हुए लिखा कि वे जीवन भर एक शिक्षक और जनसेवक रहे, जिन्होंने दशकों तक ईमानदारी और सादगी से लोगों की सेवा की। उन्होंने कहा, "वे रामपुरहाट और पूरे बीरभूम जिले के लिए एक सम्मानित व्यक्ति और गर्व का स्रोत थे।" उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से पश्चिम बंगाल ने अपने एक सबसे सम्मानित सपूत को खो दिया है और उन्होंने दिवंगत नेता के परिवार और शुभचिंतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
इनपुट: IANS



