भारतीय बाज़ार ने तोड़ा तीन दिन की गिरावट का सिलसिला, सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त पर बंद
लगातार तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय शेयर बाज़ार मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद…
लगातार तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय शेयर बाज़ार मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसई सेंसेक्स 138.36 अंक चढ़कर 74,902.59 पर और एनएसई निफ्टी 50 46.30 अंक की तेज़ी के साथ 23,477.80 पर बंद हुआ।
बाज़ार में आज का कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 74,910.96 का उच्चतम और 74,598.47 का निम्नतम स्तर छुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 23,494.95 के ऊपरी स्तर तक गया और 23,380.10 के निचले स्तर तक फिसला था। कुल मिलाकर, बाज़ार का रुझान मिला-जुला रहा, जहाँ 1,802 शेयरों में तेज़ी देखी गई, वहीं 2,224 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 135 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
सेक्टरों का प्रदर्शन और बड़े शेयर
गुरुवार के कारोबार में मीडिया और बैंकिंग शेयरों ने बाज़ार को सहारा दिया। निफ्टी मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टोरल इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके विपरीत, मेटल, फार्मा, ऑटो, हेल्थकेयर और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा।
निफ्टी 50 की कंपनियों में एचडीएफसी लाइफ, पावरग्रिड, ओएनजीसी, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा के शेयर सबसे ज़्यादा फायदे में रहे। वहीं, एचसीएल टेक, हिंडाल्को और टाटा स्टील के शेयरों को सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा। व्यापक बाज़ार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप में 0.38% और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.07% की गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल का असर
बाज़ार पर मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर भी दिख रहा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 10 जहाजों पर हमला करने की खबर के बाद तेल की कीमतों में यह तेज़ी आई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, और ऊँची कीमतें देश के आयात बिल, महंगाई और आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
इनपुट: IANS



