मनोज जरांगे के मुंबई आंदोलन पर विवाद, वकील ने की अनुमति न देने और कार्रवाई करने की मांग
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वकील गुणरत्न सदावर्ते ने इस प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और इसे अनुमति…
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वकील गुणरत्न सदावर्ते ने इस प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और इसे अनुमति न देने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सदावर्ते ने आजाद मैदान पुलिस थाने में अपनी शिकायत में जरांगे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
सदावर्ते ने अपनी शिकायत में मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बताते हुए कहा कि किसी भी आंदोलन के नाम पर शहर की कानून-व्यवस्था को बाधित करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार कभी भी मुंबई आकर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।"
कानूनी कार्रवाई और पिछली धमकियों का हवाला
वकील सदावर्ते ने आरोप लगाया कि मनोज जरांगे पाटिल पहले भी कथित तौर पर रेल पटरियां उखाड़ने, एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचाने और मुख्यमंत्री आवास को निशाना बनाने जैसी धमकियां दे चुके हैं। उन्होंने मांग की कि इस तरह की भाषा को गंभीरता से लेते हुए आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। सदावर्ते ने यह भी कहा कि अगर पिछले आंदोलनों के दौरान पुलिसकर्मियों और सरकारी वाहनों को हुए नुकसान में जरांगे की भूमिका पाई जाती है, तो उन्हें आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
राजनीतिक मंशा और अन्य मुद्दे
गुणरत्न सदावर्ते ने दावा किया कि जरांगे के आंदोलन के पीछे राजनीतिक हित हैं और उन्होंने महाराष्ट्र के कुछ विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गैर-मराठा पृष्ठभूमि को लेकर एक राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, सदावर्ते ने हिंदी भाषी ऑटो-टैक्सी चालकों पर अमित ठाकरे की कथित टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि मुंबई किसी की निजी जागीर नहीं है और भाषा के आधार पर किसी को भी प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी चालक के साथ मारपीट होती है, तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



