बंगाल: छात्र संघ चुनाव रोकने पर ममता बनर्जी की हिटलर से तुलना, विपक्ष ने सुवेंदु सरकार से की चुनाव की मांग
पश्चिम बंगाल में छात्र संघ के चुनाव न होने को लेकर सियासत गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छात्र राजनीति को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया है…
पश्चिम बंगाल में छात्र संघ के चुनाव न होने को लेकर सियासत गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छात्र राजनीति को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने ममता बनर्जी के इस कदम की तुलना हिटलर और मुसोलिनी जैसे तानाशाहों से करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी खुद छात्र जीवन में एक नेता थीं, लेकिन सत्ता संभालते ही उन्होंने छात्र संघ के चुनाव बंद करवा दिए। उन्होंने कहा, "यह एक माफ न करने लायक जुर्म है और लोकतंत्र के खिलाफ है। हिटलर और मुसोलिनी भी सत्ता में आने के बाद उन लोगों में से थे जिन्होंने सबसे पहले छात्र संघ के चुनाव रोके थे।"
वर्तमान सरकार से सवाल
विपक्ष के नेता ने सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री पर ही निशाना नहीं साधा, बल्कि मौजूदा सुवेंदु अधिकारी सरकार से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा, "छात्र संघ के चुनाव का ऐलान क्यों नहीं हुआ, ये हम लोग मुख्यमंत्री (सुवेंदु अधिकारी) से पूछना चाहते हैं। भाजपा को इसका जवाब देना ही पड़ेगा।" बनर्जी ने ममता बनर्जी पर छात्र आंदोलन को समाप्त करने का आरोप दोहराया।
'चार्टर माफिया' और 'फर्जी छात्र नेता'
ऋतब्रत बनर्जी ने अपने 20 साल के छात्र आंदोलन के अनुभव का जिक्र करते हुए तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "85 साल में 10वीं क्लास पास होने वाला एक आदमी, जो तीन साल जेल के अंदर था... वह भी छात्र नेता है।" उन्होंने बिना नाम लिए एक 67 वर्षीय व्यक्ति का भी उल्लेख किया जो खुद को अब भी छात्र नेता बताता है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि 15 साल के 'बुआ' के शासन में 'चार्टर माफिया' यह सोचने लगा था कि पूरा राज्य उनका है।
इनपुट: IANS



