मोदी पर मनमोहन पड़ गए भारी

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सरकार भले ही कहे कि अर्थव्यवस्था के आंगड़ों में गिरावट से नोटबंदी और जीएसटी का कोई लेना-देना नहीं है। पर थोड़ा पीछे जाकर देखें, तो नोटबंदी लागू होने के बाद जब संसद में इस पर बहस हो रही थी तब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार पर इसको लेकर चेताया था। लगता है मनमोहन की चेतावनी सच साबित हो रही है..

राज्यसभा में मनमोहन सिंह का भाषण?

नोटबंदी पर चर्चा के दौरान नंवबर 2016 में राज्यसभा में मनमोहन सिंह ने साफ कहा था कि नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है। इससे अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है, वहीं जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है। पूर्व पीएम ने सीधा वार करते हुए कहा था कि मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि वह किसी ऐसे देश का नाम बताएं, जहां लोगों ने बैंक में अपने पैसा जमा कराए हैं लेकिन वे उसे निकाल नहीं सकते।

रोज बदलते नियम को बताया था विफलता!

मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि करेंसी सिस्टम में लोगों का भरोसा कम हुआ है, किसानों और छोटे उद्योगपतियों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। सरकार हर दिन नए नियम बना रही है, जो कि साफ दर्शाता है कि PMO इस फैसले को लागू करवाने में असफल रहा। पीएम ने इसके लिए 50 दिन मांगे हैं, लेकिन गरीब व्यक्ति के लिए 50 दिन दर्द झेलना आसान नहीं है।

सच हो रही मनमोहन की बात

चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान देश की जीडीपी की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की गई है। जीडीपी का आंकड़ा गिरकर 5.7 फीसद पर आ गया है। वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी की रफ्तार 7.9 फीसदी थी। यानी नोटबंदी के बाद से लगातार जीडीपी में गिरावट आई है। एक साल में जीडीपी 7.9 से गिरकर 5.7 फीसद पर आ पहुंची है।

 

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