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महाराष्ट्र: अब दो मिनट में होगी दवाओं की क्वालिटी जांच, आठ विभागों में लगीं खास मशीनें

महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में अब दवाओं की गुणवत्ता की शुरुआती जांच महज दो से तीन मिनट में हो सकेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चि…

महाराष्ट्र: अब दो मिनट में होगी दवाओं की क्वालिटी जांच, आठ विभागों में लगीं खास मशीनें
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में अब दवाओं की गुणवत्ता की शुरुआती जांच महज दो से तीन मिनट में हो सकेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए आठ विभागों में आधुनिक 'ड्रग डिटेक्शन मशीनें' स्थापित की हैं। सोमवार को मुंबई के आरोग्य भवन में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने इस पहल की जानकारी दी।

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इन मशीनों का उद्देश्य दवाओं की खरीद और आपूर्ति में पारदर्शिता लाना है। अगर किसी दवा की गुणवत्ता पर संदेह होता है, तो उसके सैंपल को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मशीन के काम करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. संजय काटकर और डॉ. सुनील भोकरे भी मौजूद थे।

कैसे काम करेंगी ये मशीनें?

प्रत्येक मशीन की कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए है और यह भारतीय वैज्ञानिक सर सीवी रमन के 'रमन इफेक्ट' तकनीक पर आधारित है। इन मशीनों को चलाने के लिए आठ विभागों में दो-दो सदस्यों वाली टीमें बनाई गई हैं, जिनमें कुल 16 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सभी को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब केवल शिकायत पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर महीने औचक तरीके से दवाओं के सैंपल की जांच करेंगी। इसमें जिला अस्पतालों, महिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध दवाओं को शामिल किया जाएगा।

आगे की कार्रवाई और नियामक भूमिका

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रारंभिक जांच होगी। यदि कोई सैंपल संदिग्ध पाया जाता है, तो उसे पुष्टि के लिए राज्य की 12 सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में से किसी एक में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने में लगभग आठ दिन लगने की उम्मीद है। यदि दवा नकली या घटिया पाई जाती है, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग इसकी जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को देगा, जो नियामक कार्रवाई के लिए अधिकृत है। फिलहाल यह व्यवस्था केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के लिए खरीदी गई दवाओं पर लागू होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में अन्य बड़े सुधार

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे अन्य कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:

  • नई नियुक्तियां: 4 नवंबर को मुंबई में 1,440 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद 1,900 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की भी नियुक्ति होगी। साथ ही, 15,000 कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य संवाद यात्रा: लोगों से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर फीडबैक लेने के लिए गांवों और बस्तियों में 'स्वास्थ्य संवाद यात्रा' शुरू की गई है।
  • बुनियादी ढांचे का विस्तार: राज्य में 1.12 लाख स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने की योजना है। 15 अगस्त को 125 स्वास्थ्य संस्थाओं का लोकार्पण किया गया था और जल्द ही 125 और संस्थाओं का उद्घाटन किया जाएगा।
  • निगरानी समितियां: तालुका और विधानसभा स्तर पर 'स्वास्थ्यवर्धिनी समितियां' बनाई गई हैं, जिनमें स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे और वे स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करेंगे।

इसके अलावा, महात्मा फुले जनआरोग्य योजना में महंगी पीईटी स्कैन सुविधा को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social महाराष्ट्र डेस्क

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