महाराष्ट्र: 500 करोड़ के ऑडियो क्लिप पर घमासान, शिवसेना ने BJP पर उठाए सवाल, सरकार ने SIT जांच के आदेश दिए
महाराष्ट्र की सियासत में एक ऑडियो क्लिप को लेकर भूचाल आ गया है, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपए के लेन-देन के दावे किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए…
महाराष्ट्र की सियासत में एक ऑडियो क्लिप को लेकर भूचाल आ गया है, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपए के लेन-देन के दावे किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त को एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। यह फैसला शिवसेना नेताओं, भाजपा प्रतिनिधियों और खुद जरांगे पाटिल की मांगों के बाद सोमवार को लिया गया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस विवाद ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन में ही दरार डाल दी है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने सीधे तौर पर भाजपा के कुछ नेताओं पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने और उन्हें हाशिए पर धकेलने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
गठबंधन में टकराव और आरोप-प्रत्यारोप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदास कदम ने सवाल उठाया कि सत्ताधारी गठबंधन में कौन मुख्यमंत्री के खिलाफ काम कर रहा है और इस पर भाजपा नेतृत्व से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए भाजपा नेता प्रसाद लाड और मनोज जरांगे पाटिल की एक साथ भोजन करते हुए तस्वीरें भी जारी कीं। कदम ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री फडणवीस और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिवसेना के एक अन्य नेता और राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने भी कोल्हापुर में इसी तरह की चिंता जताते हुए कहा कि ऑडियो क्लिप की बातचीत में भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। उन्होंने इसे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बताया, जिन्होंने हमेशा मराठा आरक्षण मुद्दे का समर्थन किया है।
भाजपा का कड़ा पलटवार
शिवसेना के इन आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वरिष्ठ भाजपा नेता और एमएलसी प्रवीण दरेकर ने चेतावनी दी कि उनकी पार्टी रामदास कदम के "निराधार आरोपों" को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "हम सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगी हैं। सरकार में रहते हुए लगातार अपने ही सहयोगी पर हमला करना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है।" दरेकर ने यह भी सवाल किया कि भाजपा शिंदे को क्यों कमजोर करेगी, जबकि पिछले चुनाव के बाद पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनका पूरा समर्थन किया था।
वहीं, भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने भी कदम को ऐसे बयान देने के खिलाफ चेतावनी दी, जो महायुति गठबंधन को तोड़ सकते हैं।
जांच का आश्वासन और उठते सवाल
विवाद के केंद्र में मौजूद कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने ऑडियो सामग्री को प्रामाणिक बताते हुए जांच में पूरे सहयोग का वादा किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्लिप के सार्वजनिक होने से पहले कुछ नेताओं को इसकी जानकारी कैसे मिली। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि SIT को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए।
इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो साल से अधिक पुरानी बातचीत अब क्यों सामने आई। उन्होंने आश्वासन दिया कि SIT जांच से इस मामले में शामिल लोगों और उनके इरादों की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
इनपुट: IANS



