भारत-रूस संबंध: जयशंकर और वोलोदिन की मुलाकात में द्विपक्षीय सहयोग मज़बूत करने पर चर्चा
भारत और रूस ने अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बात विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के स्टेट ड्यूमा (संसद) के अध्यक्ष व्याचेस्लाव…
भारत और रूस ने अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बात विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के स्टेट ड्यूमा (संसद) के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन के बीच सोमवार को नई दिल्ली में हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मुलाकात का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और संसदीय संबंधों को मज़बूत करने के अवसरों पर रहा।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बैठक की जानकारी देते हुए लिखा, "नई दिल्ली में रूस के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ संसदीय संबंधों को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की।"
संसदीय सहयोग और ब्रिक्स मंच
वोलोदिन की यह यात्रा नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के अवसर पर हो रही है। इस मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए वोलोदिन ने कहा, "हम अलग-अलग राजनीतिक प्रणालियों, आर्थिक मॉडलों और परंपराओं वाले देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन हम एक बहुध्रुवीय दुनिया बनाने के लिए एकजुट हैं।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ब्रिक्स संगठन अपने 20 वर्षों के अस्तित्व में एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के मुख्य स्तंभों में से एक बन गया है।
स्टेट ड्यूमा अध्यक्ष के अनुसार, ब्रिक्स दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में से एक बन गया है, जिसका आपसी व्यापार 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है और सदस्य देश वैश्विक निर्यात का लगभग एक चौथाई हिस्सा हैं।
लोकसभा अध्यक्ष से भी हुई थी मुलाकात
सोमवार को विदेश मंत्री से मुलाकात से एक दिन पहले, रविवार को व्याचेस्लाव वोलोदिन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी भेंट की थी। उस बैठक में दोनों देशों की संसदों के बीच संस्थागत जुड़ाव, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान और युवा व महिला सांसदों के बीच संवाद को बढ़ावा देकर संसदीय सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा हुई थी।
इनपुट: IANS



