महाराष्ट्र के 21 जिलों पर सूखे का साया, शिवसेना ने सरकार के सर्वे और राहत कार्यों पर दी जानकारी
महाराष्ट्र में कम बारिश के चलते पैदा हुए सूखे जैसे हालात पर शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने सरकार के कदमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य के 21 जिलों में स्थिति गंभीर है और किसानों की मदद…
महाराष्ट्र में कम बारिश के चलते पैदा हुए सूखे जैसे हालात पर शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने सरकार के कदमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य के 21 जिलों में स्थिति गंभीर है और किसानों की मदद के लिए एक विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, निरुपम ने यह भी कहा कि सरकार शनिवार तक सूखे को लेकर एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकती है, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किए जाएंगे।
निरुपम ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ी है और खेतों तक जाकर उनकी समस्याओं का आकलन किया जा रहा है।
राम मंदिर में पारदर्शिता और IIT बॉम्बे मामला
अयोध्या के राम मंदिर में नए नियमों को लेकर संजय निरुपम ने अपना समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ द्वारा बनाए गए नियम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने मंदिर में चंदे और चढ़ावे से जुड़े पिछले कुछ मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचा था। निरुपम के मुताबिक, नए नियमों से कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे का हिसाब-किताब पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
आईआईटी बॉम्बे के छात्र की आत्महत्या के दुखद मामले पर उन्होंने कहा कि पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि छात्र पर नकल का आरोप लगाना और फिर संस्थान द्वारा कार्रवाई वापस लेकर माफी मांगना, इन सबसे छात्रों में गुस्सा है और वे एक हफ्ते से प्रदर्शन कर रहे हैं। निरुपम ने जोर देकर कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी प्रोफेसर पर लगे आरोपों को भी गंभीरता से देखा जाना चाहिए, ताकि देश के इस प्रतिष्ठित संस्थान की छवि खराब न हो।
इनपुट: IANS



