कोच्चि सिनेगॉग आगजनी: मुख्य आरोपी पर UAPA लगा, पुलिस को 'बॉस' और बड़ी साजिश का शक
केरल के कोच्चि में ऐतिहासिक कडावुमभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी की घटना में एक बड़ा मोड़ आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी एबिन पॉल के खिलाफ कड़े 'गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम)…
केरल के कोच्चि में ऐतिहासिक कडावुमभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी की घटना में एक बड़ा मोड़ आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी एबिन पॉल के खिलाफ कड़े 'गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) की धाराएं लगा दी हैं। अब जांच इस दिशा में केंद्रित हो गई है कि क्या यह हमला किसी बड़ी और सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
आरोपी एबिन पॉल पर UAPA की धारा 16 (आतंकवादी गतिविधि) और 18 (साजिश) लगाई गई हैं। यह कार्रवाई 12 अक्टूबर को यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग) के बाहर स्थित एक नर्सरी पर हुए हमले के बाद की गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) इसका अनुसंधान कर रहा है।
जांच के केंद्र में 'बॉस' नामक हैंडलर
जांचकर्ताओं को शक है कि एबिन पॉल 'बॉस' नामक किसी अज्ञात हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहा था। आरोपी ने पूछताछ में विक्रम नाम के एक और व्यक्ति का भी जिक्र किया है। एसआईटी अब विक्रम की पहचान और 'बॉस' के साथ उसके संभावित संबंधों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या यह हैंडलर विदेश से काम कर रहा था और क्या इस योजना में अन्य लोग भी शामिल थे।
एबिन पॉल ने दावा किया है कि उसे सभी निर्देश फोन कॉल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मिलते थे। इन दावों की पुष्टि के लिए उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। डिजिटल सबूतों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बातचीत कैसे हुई, कौन-कौन शामिल था और क्या आरोपी को हमले के लिए कोई वित्तीय लेन-देन हुआ था।
जांच का दायरा पुणे तक बढ़ा
पुलिस ने आगजनी की अन्य घटनाओं से भी एबिन के तार जोड़ने की कोशिश के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया है। SIT यह पता लगा रही है कि क्या ये सभी घटनाएं आपस में जुड़ी थीं। जांच पुणे तक भी पहुंच गई है, जहां एबिन पहले पढ़ाई करता था, ताकि उसके संपर्कों और पृष्ठभूमि के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।
मामले की अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता को देखते हुए, क्योंकि यह केरल के ऐतिहासिक यहूदी स्थलों में से एक से जुड़ा है, एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी इस पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता कथित हैंडलर की पहचान करना, डिजिटल सुरागों की पुष्टि करना और हमले के असली मकसद का खुलासा करना है।
इनपुट: IANS



