शनिवार, 12 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट का 14 ज़िलों में खाली पड़ी खदानों की बाड़बंदी का आदेश

इंसानों और जानवरों की सुरक्षा को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम निर्देश जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत की मदुरै पीठ ने अपने अधिकार…

तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट का 14 ज़िलों में खाली पड़ी खदानों की बाड़बंदी का आदेश
(फोटो: IANS)

इंसानों और जानवरों की सुरक्षा को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम निर्देश जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत की मदुरै पीठ ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले तमिलनाडु के 14 जिलों के कलेक्टरों को सभी खाली और छोड़ी गई खदानों के चारों ओर तत्काल बाड़ लगाने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति सी.वी. कार्तिकेयन और न्यायमूर्ति शक्तिवेल की खंडपीठ ने मदुरै के चोक्कीकुलम निवासी सत्यामूर्ति द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता ने राज्य की सभी छोड़ी गई खदानों के रखरखाव के लिए समितियाँ बनाने, ग्रीन फंड इकट्ठा करने और इन खतरनाक जगहों की तत्काल घेराबंदी करने की मांग की थी।

सुरक्षा और पानी का उपयोग

सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि इंसानों और पशुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में पहला कदम इन खदानों की घेराबंदी करना ही होना चाहिए। पीठ ने मदुरै और शिवगंगा समेत 14 जिलों के जिला कलेक्टरों को इस निर्देश का पालन करने को कहा है।

अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया कि मदुरै में ऐसी कुछ खदानों में जमा पानी का इस्तेमाल सिंचाई जैसे कृषि कार्यों के लिए किया जा रहा है। इस पर पीठ ने सभी 14 जिला कलेक्टरों को जवाब दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि क्या उनके जिलों में भी इन खदानों के पानी का उपयोग इसी तरह खेती के लिए किया जा सकता है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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