जम्मू-कश्मीर: लश्कर आतंकी साज़िश मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, 5 ज़िलों में 10 ठिकानों पर छापेमारी
पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स द्वारा संचालित लश्कर-ए-तैयबा की सीमा पार आतंकी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को…
पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स द्वारा संचालित लश्कर-ए-तैयबा की सीमा पार आतंकी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पांच जिलों में 10 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के नेटवर्क का पर्दाफाश करना था जो घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल और अन्य तरह की सहायता मुहैया कराते हैं।
यह छापेमारी कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर में की गई, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने NIA की टीमों का सहयोग किया। तलाशी के दौरान, मामले से जुड़े कई आपत्तिजनक सामान जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है और पहले से जुटाए गए सबूतों से उनका मिलान किया जा रहा है।
साजिश का खुलासा कैसे हुआ?
इस पूरे मामले की शुरुआत 31 मार्च की देर रात हुई जब एक चेकपॉइंट पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ओवरग्राउंड वर्कर को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। शुरुआत में यह मामला जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में NIA ने इसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत फिर से दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली।
जांच में क्या सामने आया?
अब तक की जांच से पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स और उनके स्थानीय सहयोगियों के बीच गहरे संबंधों का पता चला है। इन स्थानीय साथियों का इस्तेमाल घुसपैठ करने वाले आतंकियों के साथ संवाद करने, उनकी आवाजाही सुनिश्चित करने, उन्हें छिपाने, पनाह देने और रेकी करने जैसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। बाद की जांच में इस साजिश से जुड़े कुछ पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी भी हुई और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की भूमिका भी उजागर हुई।
NIA अब इस पूरे नेटवर्क को समझने के लिए वित्तीय लेन-देन, संचार के तरीकों, आरोपियों की आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों की सप्लाई चेन की भी गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है और नतीजों के आधार पर आगे गिरफ्तारी जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



