केरल: चुनावी हार की समीक्षा और ED विवाद के साये में CPI(M) की अहम बैठक, पिनाराई विजयन पर नज़रें
केरल में हालिया चुनावी हार की समीक्षा के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) की राज्य समिति की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक कोझिकोड में शुरू हो रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पूर्व…
केरल में हालिया चुनावी हार की समीक्षा के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) की राज्य समिति की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक कोझिकोड में शुरू हो रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी बेटी वीणा की कंपनी से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के कारण एक नए राजनीतिक विवाद का सामना कर रहे हैं, जिससे इस समीक्षा बैठक पर सभी की निगाहें टिक गई हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ED ने विजयन की बेटी की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी के खिलाफ मासिक भुगतान मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, शनिवार को जब विजयन मीडिया के सामने आए तो उन्होंने पार्टी की बैठक और ED मामले को अलग-अलग रखने की कोशिश की। जब उनसे पूछा गया कि क्या बैठक में ED की कार्रवाई पर चर्चा होगी, तो उन्होंने जवाब दिया, "आप क्या पूछ रहे हैं? इसका हमारी बैठक से कोई लेना-देना नहीं है।"
चुनाव समीक्षा बनाम विजयन का बचाव
यह बैठक मुख्य रूप से पार्टी की अब तक की सबसे बड़ी चुनावी हार के कारणों का विश्लेषण करने के लिए बुलाई गई है। लेकिन ED की कार्रवाई ने पार्टी नेतृत्व को एक और मुद्दा दे दिया है, जिसके तहत वे विजयन को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई का शिकार बताकर उनके समर्थन में एकजुट हो सकते हैं। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनावी हार की समीक्षा विजयन की खुली आलोचना में न बदल जाए।
बैठक में संगठनात्मक कमजोरियों और सुधारात्मक उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री पर सीधे हमलों की संभावना कम है। माना जाता है कि लगभग 90 प्रतिशत प्रतिनिधि विजयन के समर्थक हैं, जिससे उनके नेतृत्व को तत्काल कोई खतरा नहीं है।
वरिष्ठ नेताओं और सहयोगी दल का रुख
इसके बावजूद, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जैसे पी. जयराजन, ए.एन. शमसीर और थॉमस इसाक के रुख पर करीब से नजर रखी जाएगी। वे चुनावी नतीजों और पार्टी के कामकाज पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन विजयन पर सीधा हमला करने की उम्मीद नहीं है। वहीं, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के दूसरे सबसे बड़े घटक दल CPI ने इस मामले पर सतर्क रुख अपनाया है। CPI के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन वाम दल केंद्रीय एजेंसियों के किसी भी दुरुपयोग का राजनीतिक रूप से विरोध करेगा।
अब देखना यह है कि क्या ED का यह नया विवाद विजयन को मुश्किल समीक्षा बैठक में फायदा पहुंचाता है या यह एक और विवादास्पद मुद्दा बनकर उनकी मुश्किलें बढ़ाता है। CPI(M) के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव समीक्षा नेतृत्व पर एक बड़ी बहस का रूप न ले ले।
इनपुट: IANS



