मध्य प्रदेश: एक राज्यसभा सीट खाली, बीजेपी में दिल्ली तक लॉबिंग तेज, कई नेता दावेदार
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट खाली होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर कई नेताओं…
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट खाली होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर कई नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है और भोपाल से लेकर दिल्ली तक लॉबिंग शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में सफल न हो पाने वाले कई प्रभावशाली नेता अब उच्च सदन के रास्ते अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं।
डॉ. एल. मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2030 तक था, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव होना तय है। इसी के साथ राज्य में सियासी समीकरणों को साधने का दौर भी शुरू हो गया है।
राज्यसभा में सीटों का गणित
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। मुरुगन के इस्तीफे से पहले 8 सीटें बीजेपी के पास और 2 कांग्रेस के पास थीं। अब बीजेपी के पास 7 सदस्य हैं और एक सीट रिक्त है। बीजेपी के मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में सुमित्रा वाल्मीकि, कविता पाटीदार, बंशीलाल गुर्जर, सुमेर सिंह सोलंकी, बालयोगी उमेश नाथ, माया नारोलिया, रजनीश कुमार अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से विवेक कृष्ण तन्खा और अशोक सिंह सदस्य हैं।
कौन होगा अगला उम्मीदवार?
बीजेपी सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि इस सीट के लिए उम्मीदवार को लेकर दो तरह की संभावनाएं हैं। एक तो यह कि पार्टी अपनी आगामी रणनीति के तहत दक्षिण भारत के किसी नेता को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेज सकती है। दूसरी संभावना यह है कि पार्टी राज्य से ही किसी चौंकाने वाले नाम का ऐलान कर सकती है। गौरतलब है कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में बीजेपी ने रजनीश अग्रवाल और महेश केवट जैसे अप्रत्याशित नामों को मैदान में उतारा था, जो दर्शाता है कि पार्टी ऐसे फैसले लेने से नहीं हिचकती।
इनपुट: IANS



