पशुओं का चारा मिलाकर बन रहे थे प्रियागोल्ड बिस्किट? FSSAI ने कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड किया
मशहूर 'प्रियागोल्ड' बिस्किट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड पर खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कंपनी पर बिस्किट में फाइबर के स्रोत के रूप…
मशहूर 'प्रियागोल्ड' बिस्किट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड पर खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कंपनी पर बिस्किट में फाइबर के स्रोत के रूप में कथित तौर पर उस चोकर का इस्तेमाल करने का आरोप है, जो पशुओं के चारे के लिए था। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इन आरोपों के बाद कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला तब सामने आया जब एक उपभोक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद FSSAI ने कंपनी के प्लांट का निरीक्षण किया, जहाँ कई गंभीर खामियां पाई गईं। FSSAI ने अपने एक बयान में बताया, "चोकर से भरे बोरों पर साफ तौर पर लिखा था कि यह सामग्री पशुओं के चारे के लिए है।"
कई अन्य कंपनियों पर भी कार्रवाई
FSSAI ने केवल प्रियागोल्ड ही नहीं, बल्कि कई अन्य खाद्य कंपनियों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए हैं। प्राधिकरण ने बताया कि डोडला डेयरी लिमिटेड और उइर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघनों के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
डोडला डेयरी के 'फुल क्रीम दूध' का सैंपल जांच में घटिया (सबस्टैंडर्ड) पाया गया क्योंकि इसमें दूध की वसा (मिल्क फैट) की मात्रा निर्धारित मानकों से कम थी। बाद में रेफरल लैब की जांच में इस दूध को 'असुरक्षित' भी पाया गया, क्योंकि इसमें डिटर्जेंट/कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
स्वच्छता और लाइसेंस से जुड़ी खामियां
इसके अलावा, तीन अन्य कंपनियों— नरपधम फूड्स, सन रिजेस हेल्थ केयरर्स और शाह कांतिलाल जयंतीलाल— को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन कंपनियों में निरीक्षण के दौरान लाइसेंस प्रदर्शित न करने, गंदगी, अपर्याप्त जगह, कीट नियंत्रण की कमी और साफ-सफाई के रिकॉर्ड न रखने जैसी कई अनियमितताएं पाई गईं। FSSAI का कहना है कि वह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इनपुट: IANS



