लाल किला ब्लास्ट मामला: कोर्ट ने NIA से चार्जशीट में हर आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने को कहा
दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह अपनी चार्जशीट में सभी आरोपियों की पृष्ठभूमि का संक्षिप्त विवरण शामिल करे…
दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह अपनी चार्जशीट में सभी आरोपियों की पृष्ठभूमि का संक्षिप्त विवरण शामिल करे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत का मानना है कि इससे साजिश में प्रत्येक आरोपी की भूमिका को समझने में आसानी होगी। यह मामला पटियाला हाउस कोर्ट से राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरित होने के बाद पहली बार सुनवाई के लिए आया था।
कोर्ट ने NIA के विशेष लोक अभियोजक से एक सारणीबद्ध रिपोर्ट (tabulated report) भी तैयार करने को कहा है, जिसमें हर आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ जुटाए गए सबूतों का ब्योरा हो। अदालत के मुताबिक, इस कदम से चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर विचार करने में सुविधा होगी। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी, जिसमें अदालत आरोपपत्र पर संज्ञान लेने पर विचार करेगी।
मामले की वर्तमान स्थिति और जांच
NIA ने इस मामले में 14 मई 2026 को मुख्य आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद एक पूरक आरोपपत्र भी जमा किया गया। हालांकि, अदालत ने अभी तक इन आरोपपत्रों में दर्ज अपराधों का संज्ञान नहीं लिया है। जांच एजेंसी को यह भी बताने का निर्देश दिया गया है कि उकाशा, फैजल, आशिम और उस्मान के खिलाफ जांच लंबित होने के बावजूद मामले में आगे की कार्यवाही की जा सकती है या नहीं।
मृत आरोपी और अन्य न्यायिक निर्देश
मामले के एक आरोपी, डॉ. उमर उन नबी की मौत हो चुकी है। बताया गया है कि जिस कार में विस्फोट हुआ था, उमर उसी में मौजूद था और धमाके में उसकी जान चली गई। अदालत ने NIA को उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और सत्यापन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है, ताकि उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त की जा सके।
इसके अलावा, अदालत ने कई अन्य निर्देश भी जारी किए हैं। लंबित आवेदनों को मुख्य मामले से अलग पंजीकृत किया गया है ताकि कार्यवाही में देरी न हो। एक आरोपी मुजफ्फर अहमद के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है। वहीं, एक अन्य आरोपी के पिता से फोन पर बात करने की अर्जी पर जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है।
इनपुट: IANS



