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भारत में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति: FAME-II समेत अन्य योजनाओं से लाखों EV को मिली सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी हुआ मजबूत

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना FAME-II ने अपने कार्यकाल में 16.72 लाख से ज़्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री को सफल बनाने में मदद…

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति: FAME-II समेत अन्य योजनाओं से लाखों EV को मिली सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी हुआ मजबूत
(फोटो: IANS)

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना FAME-II ने अपने कार्यकाल में 16.72 लाख से ज़्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री को सफल बनाने में मदद की है। भारी उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई तक इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों को प्रोत्साहन दिया गया।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, FAME (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) के दूसरे चरण को 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक के लिए लागू किया गया था। पांच साल की इस अवधि के लिए सरकार ने कुल 11,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। इस योजना ने न सिर्फ वाहनों की बिक्री को गति दी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी मजबूत किया। इसके तहत देशभर में 5,299 इलेक्ट्रिक बसें (ई-बसें) भी सड़कों पर उतारी गईं।

चार्जिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर भी जोर

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भी FAME-II योजना ने अहम भूमिका निभाई। इस योजना की मदद से देश भर में 9,583 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए। इसके अलावा, सरकार ने चरणबद्ध मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (PMP) के जरिए बैटरी पैक समेत EV के विभिन्न हिस्सों का देश में ही उत्पादन अनिवार्य किया, जिससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला।

नई योजनाएं, बड़ा लक्ष्य

FAME-II के बाद भी सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। केंद्र ने 10,900 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ 'पीएम ई-ड्राइव' (PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना शुरू की है। इसका लक्ष्य लगभग 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देना है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया वाहनों के साथ-साथ ट्रक, बस और एम्बुलेंस भी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 'पीएम ई-बस सेवा-पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM)' योजना के लिए भी 3,435.33 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना का मकसद 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती को समर्थन देना है। इन नई योजनाओं के तहत सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने और टेस्टिंग एजेंसियों को अपग्रेड करने के लिए भी अनुदान का प्रावधान है।

इनपुट: IANS

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