प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक से फ़ोन बरामद, कांग्रेस ने राजनीतिक रसूख पर उठाए सवाल
बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद JDS के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की कोठरी से एक मोबाइल फोन मिलने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बलात्कार और यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा…
बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद JDS के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की कोठरी से एक मोबाइल फोन मिलने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बलात्कार और यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रेवन्ना की बैरक में यह बरामदगी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) के एक सघन तलाशी अभियान के दौरान हुई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावशाली कैदियों को मिलने वाली विशेष सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि इतने संगीन मामलों में दोषी करार दिए जाने के बावजूद एक कैदी को कड़ी सुरक्षा वाली जेल के अंदर प्रतिबंधित उपकरण कैसे मिल गया। कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई है कि रेवन्ना ने अपने राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल कर यह सुविधा हासिल की होगी।
तलाशी अभियान और बरामदगी
यह तलाशी अभियान मंगलवार को चलाया गया था, जो करीब छह घंटे तक चला। CCB अधिकारियों ने प्रज्वल रेवन्ना के अलावा अभिनेता दर्शन, उनकी प्रेमिका पवित्रा गौड़ा समेत अन्य हाई-प्रोफाइल कैदियों की बैरकों की भी तलाशी ली। खबरों के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन में लगभग 10 मोबाइल फोन, चार्जर और एक पेन ड्राइव बरामद किए गए। रेवन्ना की बैरक में एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन उनके बिस्तर के नीचे छिपाकर रखा गया था।
मामला दर्ज, जांच जारी
इस बरामदगी के बाद परप्पना अग्रहारा पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रज्वल रेवन्ना जिस बैरक में रहते हैं, उसमें उनके साथ एक और कैदी प्रताप राय भी है। पुलिस ने इस मामले में प्रताप राय को आरोपी नंबर 1 और प्रज्वल रेवन्ना को आरोपी नंबर 2 बनाया है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल कौन कर रहा था। दिलचस्प बात यह है कि 6 अगस्त को हुई एक पिछली तलाशी में रेवन्ना के पास से कोई मोबाइल फोन नहीं मिला था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रतिक्रिया
प्रज्वल रेवन्ना एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते, JDS विधायक एच.डी. रेवन्ना के बेटे और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने IANS से कहा, "वे खुद को कानून से ऊपर समझते हैं... जब वे जेल में हैं, तो वहां भी कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। उनके खिलाफ निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।" वहीं, कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा कि इस बात की गंभीरता से जांच होनी चाहिए कि यह कैसे हुआ और क्या इसमें राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल किया गया।
इनपुट: IANS



