स्वतंत्रता दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा - 'कुछ लोगों को देश को डराने में मज़ा आता था'
स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को देश में डर और चिंता का माहौल बनाए रखने में आनंद आता था। 13वीं बार लाल किले…
स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को देश में डर और चिंता का माहौल बनाए रखने में आनंद आता था। 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से दिए गए अपने भाषण में उन्होंने पिछले एक दशक की चुनौतियों और सरकार की नीतियों के नतीजों पर प्रकाश डाला।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश ने कोरोना महामारी और अंतरराष्ट्रीय युद्धों जैसी कई मुश्किलों का सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में कुछ लोगों ने यह कहकर डर फैलाने की कोशिश की कि 'वैक्सीन नहीं मिलेगी' या 'पेट्रोल, गैस और खाद की कमी हो जाएगी'। प्रधानमंत्री के अनुसार, "कुछ लोगों को भारत के लोगों को डराने, भयभीत करने और चिंता में डुबोने में मज़ा आता था।"
उन्होंने कहा कि इन अफवाहों के बावजूद, सरकार की सोची-समझी नीतियों और 'नागरिक देवो भव' के मंत्र के कारण देश में पेट्रोल, गैस और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति बनी रही और भारत मजबूती से आगे बढ़ता रहा।
विकास की रफ़्तार और आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में विकास कार्यों की गति की तुलना पूर्व के दशकों से करते हुए कई आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले पाइप से गैस की सुविधा जहाँ सिर्फ 70 शहरों में थी, वहीं अब यह 700 शहरों तक पहुँच गई है। इसी तरह, पाइप वाली गैस के कनेक्शन 22 लाख घरों से बढ़कर 1.75 करोड़ घरों तक पहुँच चुके हैं।
उन्होंने रेलवे विद्युतीकरण का उदाहरण देते हुए कहा, "हमारे देश में रेलवे के विद्युतीकरण का काम 1925 में ही शुरू हो गया था। लेकिन 90 सालों में... रेलवे नेटवर्क का सिर्फ़ 30 फीसदी हिस्सा ही विद्युतीकृत हो पाया था। 90 सालों में 30 फीसदी बनाम 10 सालों में 70 फीसदी!" सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश की क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट हो गई है और 'पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना' के तहत 50 लाख घरों का लक्ष्य पार कर लिया गया है।
बदलती दुनिया और भारत की रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने 'आत्मनिर्भरता' की नीति का बचाव करते हुए कहा कि आज दुनिया में वैश्वीकरण की चर्चा कम हो गई है। उन्होंने कहा कि संकट के इस दौर में, कुछ देशों ने पेट्रोल, डीज़ल, खाद और टेक्नोलॉजी चिप्स जैसे संसाधनों को "हथियार" की तरह इस्तेमाल किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे समय में अगर भारत ने पिछले 10 वर्षों में आत्मनिर्भरता के मंत्र पर काम न किया होता, तो देश को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता था।
इनपुट: IANS



