KGMU में एक और डॉक्टर पर गिर सकती है गाज: यूरोलॉजी दवा घोटाले में नोडल अधिकारी की बढ़ीं मुश्किलें, कल कार्रवाई संभव – Lucknow News h3>
KGMU के यूरोलॉजी विभाग में सामने आए करोड़ों रुपये के कथित दवा घोटाले की जांच निर्णायक मोड़ में पहुंच गई है। जांच समिति की नजर अब विभाग के दवाओं के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक सिंह पर है। शनिवार को उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर
.
मृत मरीजों के नाम पर दवा इंडेंट पर उठे सवाल
जांच के दौरान समिति ने उन इंडेंट और बिलों को लेकर सवाल पूछे, जिनमें ऐसे मरीजों के नाम दर्ज पाए गए जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। जांच अधिकारियों ने जानना चाहा कि मृत मरीजों के नाम पर दवाओं की मांग कैसे जारी हुई और उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किस आधार पर किए गए। सूत्रों के अनुसार, डॉ. विवेक सिंह इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
दवा घोटाला सामने आने के बाद विभाग के प्रमुख को उनके पद से हटा दिया गया था।
सोमवार को फिर होगी पूछताछ
जांच समिति के अध्यक्ष और KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि मामले की अंतरिम रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है, लेकिन अभी कई बिंदुओं पर जांच जारी है। सोमवार को डॉ. विवेक सिंह से दोबारा पूछताछ की जाएगी और उसी दिन जांच को अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
मृत मरीजों को दिखाया गया भर्ती
जांच में अब तक सामने आया है कि यूरोलॉजी विभाग में कई ऐसे मरीजों के नाम पर दवाएं मंगाई गईं, जिनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। रिकॉर्ड में उन्हें भर्ती दर्शाते हुए दवाओं के इंडेंट जारी किए गए। संबंधित बिलों और दस्तावेजों पर विभागीय अधिकारियों के हस्ताक्षर भी मिले हैं। अब जांच समिति यह पता लगाने में जुटी है कि इन दवाओं का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ और उन्हें किस प्रकार खपाया गया।
रिकॉर्ड खंगालने में मिले कई संदिग्ध मामले
डॉ. केके सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान कई संदिग्ध मामलों की पहचान की है। समिति को मिले रिकॉर्ड में कुछ प्रकरण डॉ. विवेक सिंह की निगरानी से जुड़े पाए गए हैं। इसी आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
डॉ. केके सिंह, KGMU प्रवक्ता।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
KGMU प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।



