एस. श्रीसंत को बड़ी राहत, केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने माफ़ी के बाद हटाया 3 साल का प्रतिबंध
भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ एस. श्रीसंत के लिए एक अच्छी ख़बर आई है। केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने उनके ऊपर लगाए गए तीन साल के प्रतिबंध को हटाने का फ़ैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह निर्णय
भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ एस. श्रीसंत के लिए एक अच्छी ख़बर आई है। केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने उनके ऊपर लगाए गए तीन साल के प्रतिबंध को हटाने का फ़ैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह निर्णय श्रीसंत द्वारा अपनी टिप्पणियों पर अफ़सोस जताते हुए बिना शर्त माफ़ी मांगने के बाद लिया गया।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब श्रीसंत ने विज़ुअल और सोशल मीडिया पर कथित तौर पर कुछ ऐसी बातें कहीं, जिन्हें एसोसिएशन ने अपने लिए अपमानजनक माना। इसी के चलते KCA ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। श्रीसंत ने इस फ़ैसले को तिरुवनंतपुरम मुंसिफ़ कोर्ट में चुनौती भी दी, लेकिन उनकी याचिका ख़ारिज हो गई थी।
माफ़ीनामे के बाद KCA ने बदला फ़ैसला
अदालत से राहत न मिलने के बाद, श्रीसंत ने KCA के ख़िलाफ़ की गई अपनी बातों पर अफ़सोस जताते हुए आधिकारिक तौर पर बिना शर्त माफ़ी मांग ली। 1 जुलाई, 2026 को हुई KCA की विशेष आम सभा की बैठक में सदस्यों ने उनके माफ़ीनामे पर विस्तार से चर्चा की। अंत में, आम सभा ने सर्वसम्मति से प्रतिबंध हटाने का फ़ैसला किया। हालांकि, एसोसिएशन ने यह चेतावनी भी दी है कि भविष्य में इस तरह का व्यवहार दोहराए जाने पर उनके ख़िलाफ़ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्रिकेट से जुड़ाव रहेगा जारी
यह प्रतिबंध पिछले केरल क्रिकेट लीग (KCL) सीज़न से पहले लगाया गया था। अब इसके हटने के बाद, श्रीसंत KCL के तीसरे सीज़न में एरीज़ कोल्लम सेलर्स फ्रेंचाइज़ी के सह-मालिक के तौर पर अपना काम जारी रख सकेंगे।
श्रीसंत का अंतरराष्ट्रीय करियर
दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ श्रीसंत केरल के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से हैं जिन्होंने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेला है। वह 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा थे। 2005 से 2011 के बीच अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 27 टेस्ट में 87 विकेट, 53 वनडे में 75 विकेट और 10 टी20 में 7 विकेट हासिल किए। उनका करियर 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के बाद रुक गया था, जिसके चलते बीसीसीआई ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था।
इनपुट: IANS



