सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

टीबी मुक्त भारत अभियान: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया जोर

देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल हुए। समाचार…

टीबी मुक्त भारत अभियान: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया जोर
(फोटो: IANS)

देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल हुए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक में 'पीएम-प्रगति' कार्यक्रम के तहत चल रहे 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया।

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बैठक का मुख्य फोकस बीमारी की जल्द पहचान, रोकथाम, सामुदायिक जागरूकता और स्क्रीनिंग जैसे जमीनी उपायों को मजबूत करना था, ताकि ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'टीबी मुक्त भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें सरकार और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

विभिन्न मंत्रालयों की भूमिका

अभियान को गति देने के लिए अलग-अलग मंत्रालय अपनी भूमिका निभा रहे हैं। युवा मामले और खेल मंत्रालय 'माई भारत' वॉलंटियर्स के माध्यम से जागरूकता बढ़ा रहा है, जबकि रक्षा मंत्रालय एनसीसी कैडेट्स के जरिए जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच बना रहा है। इस राष्ट्रीय प्रयास में शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों को भी शामिल किया जा रहा है, जिसमें ईएसआईसी श्रमिकों के लिए टीबी स्क्रीनिंग और सहायता को मजबूत कर रहा है।

नजफगढ़ स्वास्थ्य केंद्र की प्रगति की समीक्षा

इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को नजफगढ़ स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की प्रगति का भी आकलन किया। उन्होंने 13 अप्रैल, 2026 को हुई पिछली बैठक के बाद हुए कार्यों की समीक्षा की और संबंधित एजेंसियों को सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने रोगी देखभाल, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा प्रशिक्षण और मानव संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

यह केंद्र पूरी तरह से कार्यरत है, जहाँ ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ रेबीज और सर्प विष रोधी टीकाकरण केंद्र भी हैं। यहाँ जन औषधि केंद्र, जांच प्रयोगशाला और छोटी-मोटी सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध है। इस केंद्र को 'मेडलीप आर' से जोड़ा गया है, जिससे मरीजों के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखने में मदद मिलती है, और यह आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) योजना से भी जुड़ा है। अगस्त 2026 में यहाँ लगभग 47,000 ओपीडी परामर्श और 9,000 आपातकालीन मामले देखे गए, साथ ही 221 छोटी इलाज प्रक्रियाएं भी की गईं।

इनपुट: IANS

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News4Social हेल्थ डेस्क

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