गुरूवार, 15 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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कश्मीरी पंडितों को हथियार और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाए: जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित तौर पर मिल रही आतंकी धमकियों पर चिंता जताते हुए एक ठोस सुरक्षा योजना बनाने की वकालत की…

कश्मीरी पंडितों को हथियार और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाए: जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित तौर पर मिल रही आतंकी धमकियों पर चिंता जताते हुए एक ठोस सुरक्षा योजना बनाने की वकालत की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को 'सॉफ्ट टारगेट' समझा जाता है, इसलिए उन्हें आत्मरक्षा का प्रशिक्षण और अपनी सुरक्षा के लिए हथियार दिए जाने चाहिए।

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वैद ने सुझाव दिया कि सरकार को मुख्य सचिव, DGP, खुफिया प्रमुख और सुरक्षा बलों के प्रमुखों को शामिल कर एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा योजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें ऐसी हर धमकी को गंभीरता से लेना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि इसे हल्के में लेना चाहिए।" उन्होंने कहा कि आतंकवादी सुरक्षा बलों का सामना नहीं कर सकते, इसलिए वे ऐसे आसान लक्ष्यों की तलाश में हैं।

सुरक्षित तैनाती और आंतरिक नेटवर्क पर कार्रवाई

पूर्व DGP ने सलाह दी कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को उपायुक्त कार्यालय, निदेशालय और सचिवालय जैसे सुरक्षित परिसरों में तैनात किया जाना चाहिए, जहां कोई हथियार लेकर प्रवेश नहीं कर सकता। उन्होंने इन धमकियों के पीछे एक आंतरिक नेटवर्क होने की आशंका भी जताई। वैद ने कहा, "जिस तरह से फोन नंबर और गाड़ियों की जानकारी उन तक पहुंच रही है, मुझे लगता है कि कोई अंदर का आदमी है। उसकी पहचान करके, उसे सीधा लाल चौक पर उल्टा करके टांगना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि धमकी देने वाला व्यक्ति देश के बाहर है, तो भारत को भी इजरायल की तरह कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "उसे पता होना चाहिए कि वो चंद दिनों का मेहमान है, उसे खत्म कर देना चाहिए।"

पुराने मामलों और चीन नीति पर भी बोले

एसपी वैद ने राज्य जांच एजेंसी (SIA) द्वारा वंधामा नरसंहार मामले को फिर से खोलने की सराहना की। उन्होंने कहा कि 25 साल बीत जाने के बावजूद, चश्मदीदों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जैसे जो भी सबूत मिल सकते हैं, उनके आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के चीन दौरे पर उन्होंने कहा कि यह अगले महीने होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सीमा विवाद को सुलझाने की एक कोशिश हो सकती है, क्योंकि यह भारत और चीन के बीच तनाव का एक बड़ा कारण है।

इनपुट: IANS

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